ग्रेटर नोएडा वेस्ट में करोड़ों का खरीदा आशियाना, सड़कों पर पसरी बदहाली से नोबिलिटी और गोल्फ होम्स के निवासी परेशान

Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में शाहबेरी से 130 मीटर रोड को जोड़ने वाली सड़क पर बनी सोसायटी में रहने वाले लोगों के सामने नया संकट खड़ा हो गया है. इस रोड पर हर तरफ ठेली-पटरी और शराबियों का जमावड़ा रहता है. इससे संबंधित कई शिकायत सोसायटी के लोगों की तरफ से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण व संबंधित विभाग में की गई, लेकिन कोई एक्शन नहीं हुआ है.

ATS Nobility Issue

Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में शाहबेरी से 130 मीटर रोड को जोड़ने वाली सड़क पर बनी सोसायटी में रहने वाले लोगों के सामने नया संकट खड़ा हो गया है. इस रोड पर हर तरफ ठेली-पटरी और शराबियों का जमावड़ा रहता है. इससे संबंधित कई शिकायत सोसायटी के लोगों की तरफ से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण व संबंधित विभाग में की गई, लेकिन कोई एक्शन नहीं हुआ है. लोग परेशान होकर सोशल मीडिया का सहारा ले रहे है. मुख्य रूप से ग्रेटर नोएडा वेस्ट में शाहबेरी के पास बनी एटीएस नोबिलिटी और गोल्फ होम्स सोसायटी के निवासी इस समस्या से परेशान है.

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शाहबेरी रोड बना परेशानी का मुख्य केंद्र

निवासियों की सबसे बड़ी शिकायत शाहबेरी की ओर जाने वाली सड़क को लेकर है. इस सड़क के किनारे खुले नाले की बदबू, जमा कचरे और गंदगी ने न केवल स्वच्छता पर प्रश्नचिह्न खड़े किए हैं, बल्कि वहां का वातावरण भी दूषित कर दिया है. रही-सही कसर सड़क किनारे अवैध रूप से लगे ठेले और फूड स्टॉल पूरी कर देते हैं. यह न केवल अतिक्रमण फैला रहे हैं, बल्कि ट्रैफिक जाम का स्थायी कारण बन चुके हैं.

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खुले में पी जाती है शराब

कई निवासियों ने यह भी बताया कि कुछ असामाजिक तत्व खुले में शराब का सेवन करते हैं, जिससे क्षेत्र की शांति और सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ता है. कई बार लोगों ने इसका विरोध किया है तो शराब पीने वाले झगड़ा करने पर उतारू हो जाते है. रात के समय लोग यहां से फैमिली के साथ निकलने से परहेज करते है.

यू-टर्न बना महाजाम का कारण

शाहबेरी वाला यू-टर्न लोगों की धैर्य की परीक्षा लेने लगा है. महज 200 मीटर की दूरी पार करने में यहां 30-40 मिनट तक लग जाता हैं. वैकल्पिक मार्ग जो एम्स साइट के बगल से होकर गुजरता है वो अपनी ही दुर्दशा की कहानी कहता है. यह सड़क पूरी तरह कच्ची है और बड़े-बड़े गड्ढों से भरी हुई है. यही रास्ता बच्चों की स्कूल बसों और हजारों गाड़ियों का मुख्य मार्ग बन गया है. दिनभर धूल उड़ती है और दुर्घटनाओं का खतरा मंडराता रहता है. प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए निवासियों ने इसकी शिकायत पर्यावरण विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से भी की है.

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स्वच्छता के लिए नागरिकों की पहल

इन सबके बीच एक सकारात्मक तस्वीर यह भी है कि एटीएस नोबिलिटी के कुछ जागरूक निवासियों ने अपने स्तर पर स्वच्छता अभियान शुरू किया है. हर महीने स्वयं नालों के किनारे सफाई करते हैं और पौधारोपण भी कर रहे हैं जिससे क्षेत्र की हरियाली और स्वच्छता को बढ़ावा मिल सके.

सरकारी एजेंसियों से तीन अहम मांगे

निवासियों ने ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण और संबंधित सरकारी विभागों से तीन प्रमुख मांगें रखी हैं. लोगों की मांग है कि शाहबेरी रोड के किनारे जमा कूड़े की तुरंत सफाई कराई जाए. खुले नाले को ढककर उसे सुरक्षित और स्वच्छ बनाया जाए. एम्स साइट के पास की कच्ची सड़क को जल्द से जल्द पक्का किया जाए. इसके अलावा शराबियों का जमावड़ा खत्म किया जाए.

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क्या बोले जिम्मेदार ?

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीनियर मैनेजर एके सिंह का कहना है कि शाहबेरी रोड पर जो समस्या बताई जा रही है उसका सर्वे कराया जाएगा. इसके बाद गंदगी को पूरी तरह से दूर करके नालों को ढकने का काम किया जाएगा.

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