हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

Greater Noida News: यूपी रेरा ने बिल्डरों पर कसा शिकंजा, जानें किस नियम में हुआ बदलाव

Greater Noida News: उत्तर प्रदेश रेरा ने बिल्डरों की मनमानी पर लगाम कसते हुए प्रोजेक्ट पंजीकरण की शर्तों में बड़ा बदलाव किया है। अब बिल्डर को हर फेज का अलग डेवलपमेंट प्लान जमा करना होगा। उसी के अनुसार निर्माण करना अनिवार्य होगा। हर फेज को अलग प्रोजेक्ट माना जाएगा।

विज्ञापन

Greater Noida News: उत्तर प्रदेश रेरा ने बिल्डरों की मनमानी पर लगाम कसते हुए प्रोजेक्ट पंजीकरण की शर्तों में बड़ा बदलाव किया है। अब बिल्डर को हर फेज का अलग डेवलपमेंट प्लान जमा करना होगा। उसी के अनुसार निर्माण करना अनिवार्य होगा। हर फेज को अलग प्रोजेक्ट माना जाएगा। वहां रहने वालों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराना बिल्डर की जिम्मेदारी होगी।

हर फेज में लेनी होगी एनओसी

इस बदलाव के तहत अब यदि कोई बिल्डर पंजीकरण कराना चाहता है तो उसे हर फेज के लिए अग्निशमन व्यवस्था, पेयजल, आपात निकास, बिजली, एसटीपी, स्ट्रीट लाइट और सड़क जैसी सुविधाओं का पूरा खाका यूपी रेरा को देना होगा। इसके लिए एनओसी भी लेनी होगी। नियमों की अनदेखी करने पर न केवल पंजीकरण रोका जाएगा बल्कि जुर्माना भी लगाया जाएगा।

लगातार मिल रही थी शिकायतें

रेरा के मुताबिक लगातार यह देखने में आ रहा था कि बिल्डर प्रोजेक्ट को फेज में बांटकर निर्माण तो कर रहे हैं लेकिन हर चरण में सुविधाएं देने से बच रहे है। इससे खरीदारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। कहीं लिफ्ट चालू नहीं, तो कहीं पीने के पानी की व्यवस्था नहीं।

विज्ञापन

सुविधाओं को लेकर विवाद

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कई हाउसिंग सोसायटी इसका उदाहरण है जहां पहले और दूसरे फेज के निवासियों के बीच सुविधाओं को लेकर विवाद सामने आए। हाल ही में निराला एस्टेट में भी ऐसी स्थिति बनी थी। लोगों का कहना है कि अगर शुरुआत में पूरी सुविधा बना दी जाती है तो वह अगले फेज तक पुरानी हो जाती है।

हर फेज में पूरी सुविधा देना अनिवार्य

रेरा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब हर फेज को स्वतंत्र प्रोजेक्ट की तरह देखा जाएगा। इसका मतलब है कि हर चरण में रह रहे लोगों को सभी बुनियादी सुविधाएं मिलनी ही चाहिए। लोगों को सुविधा मिलने से उनका आम जनजीवन सुखद होगा।

विज्ञापन

ये भी पढ़ें: ग्रेटर नोएडा पुलिस ने मुठभेड़ में दबोचे 5 बदमाश, गाजियाबाद के युवक का किया था अपहरण

4000 से अधिक पंजीकृत प्रोजेक्ट

फिलहाल यूपी रेरा में करीब 4000 प्रोजेक्ट पंजीकृत है। हर महीने लगभग 200 नए प्रोजेक्ट जुड़ रहे है। शिकायतों के आधार पर यह जरूरी हो गया था कि पंजीकरण प्रक्रिया को और सख्त किया जाए। ऐसे में बिल्डरों की जवाबदेही तय की जा सके।

विज्ञापन

एसओपी पहले से लागू

यूपी रेरा के सचिव महेंद्र वर्मा ने बताया कि पिछले साल सितंबर में जो स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर एसओपी जारी की गई थी वह अब भी प्रभावी है। इसके साथ ही नए नियमों को भी तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। बिल्डरों को अब प्रोजेक्ट के पंजीकरण के समय ही विकास कार्यों और मूलभूत सुविधाओं का फेजवाइज प्लान जमा करना होगा। नए आदेश जारी कर दिए गए है।

ये भी पढ़ें: अयोध्या से काशी जा रही यात्रियों से भरी बस हादसे का शिकार, 4 की मौत, छत्तीसगढ़ से आए थे श्रद्धालु

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola