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Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा में गोवंशों के गोबर से बनेगी कंप्रेस्ड बायो गैस, जानें क्या है योजना

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Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा का पहला कंप्रेस्ड बायो गैस प्लांट जलपुरा स्थित गोशाला में बनेगा। इसका संचालन ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा। गोवंशों के गोबर से चलने वाले 50 टन प्रति दिन क्षमता के इस प्लांट का सोमवार को दादरी विधायक तेजपाल नागर, भाजपा जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा व एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने शिलान्यास किया। करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से यह प्लांट एक साल में बनकर तैयार हो जाएगा। इसका पूरा खर्च निर्माणकर्ता एजेंसी वहन करेगी।

गोमाता की सेवा पुण्य का काम
शिलान्यास के मौके पर गोशाला पहुंचे दादरी विधायक तेजपाल नागर ने कहा कि गोमाता की सेवा करना बहुत पुण्य का काम है। यहां के गोवंशों को देखकर ऐसा लगता है कि अच्छी देखभाल हो रही है। विधायक ने कहा कि गोवंशों के गोबर से चलने वाले कंप्रेस्ड बायो गैस प्लांट से कई फायदे होंगे। गोबर प्रोसेस होने से ईधन भी मिलेगा और इससे आमदनी होगी, जिससे गोशाला के संचालन में मदद मिलेगी।

सीईओ ने की पहल
इस प्लांट को बनाने में प्राधिकरण का पैसा नहीं लग रहा। विधायक ने इस पहल के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार समेत कई अन्य अधिकारियों का शुक्रिया अदा किया। जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा ने कहा कि ग्रेटर नोएडा में बायो गैस प्लांट की बहुत आवश्यकता थी। इस प्लांट के लगने से आसपास के पशुपालकों को भी फायदा होगा। गोवंशों के गोबर को इस प्लांट को बेच सकेंगे और इससे उनको आमदनी होगी। स्वच्छता को भी बढ़ावा मिलेगा।

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क्या बोली एसीईओ?
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने बताया कि एक साल में यह प्लांट बनकर तैयार हो जाएगा। 50 टन प्रतिदिन गोबर को प्रोसेस करने की क्षमता होगी। गोशाला से निकलने वाला गोबर इसी प्लांट में प्रोसेस हो जाएगा। गोबर को प्रोसेस करने का प्लांट लगने से ग्रीन इंडिया क्लीन इंडिया मुहिम को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने पशुपालकों से अपील की है कि गोबर को नालियों या फिर सीवर प्वाइंट में न डालें। इससे सीवर जाम की समस्या हो रही है।

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