Gorakhpur-Faizabad MLC election: गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना से एक दिन पहले निर्वाचन आयोग ने बड़ा फैसला लिया है. आयोग ने चुनाव ऑर्ब्जवर अभय सिंह को उनके पद से हटा दिया है. यह कार्रवाई भाजपा MLC देवेंद्र प्रताप सिंह की लिखित शिकायत के बाद की गई. मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने उनकी जगह 2009 बैच के IAS अधिकारी प्रकाश बिन्दु को नया ऑर्ब्जवर नियुक्त किया है और उन्हें तत्काल कार्यभार संभालने के निर्देश दिए हैं. 27 अक्टूबर को होने वाली काउंटिंग से ऐन पहले लिए गए इस फैसले से सियासी हलचल बढ़ गई है.
शिकायत में क्या थे आरोप?
23 अक्टूबर को मतदान के दिन BJPMLC देवेंद्र प्रताप सिंह ने चुनाव आयोग को ईमेल भेजकर अभय सिंह की तैनाती पर कड़ा ऐतराज जताया था. उन्होंने 2019 में अवैध खनन मामले में अभय सिंह के खिलाफ सीबीआई द्वारा दर्ज मुकदमे और आवास पर छापेमारी के दौरान कथित रूप से भारी नकदी बरामद होने का हवाला दिया था. MLC ने तर्क दिया कि ऐसे आरोपों से घिरे अधिकारी के रहते निष्पक्ष मतगणना पर सवाल उठ सकते हैं. उन्होंने मतगणना कर्मियों को खुला पत्र भी लिखा था. आयोग के फैसले का स्वागत करते हुए देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि स्वच्छ छवि वाले अधिकारी को जिम्मेदारी देना निष्पक्षता के लिए बेहद जरूरी था.
11 सीटों पर 54.58% रहा कुल मतदान
MLC की 11 सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था, जिसमें कुल 54.58 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई. गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक खंड में सबसे अधिक 79.32 फीसदी मतदान हुआ. इसके अलावा शिक्षक खंड में बरेली-मुरादाबाद में 73.69%, वाराणसी में 69.87%, आगरा में 59.82%, मेरठ में 57.64% और लखनऊ में 52.19% मतदान दर्ज हुआ. वहीं, स्नातक खंड में इलाहाबाद-झांसी में 41.40%, वाराणसी में 41.11%, लखनऊ में 39.83%, मेरठ में 35.81% और आगरा में 49.75% वोटिंग हुई. सभी सीटों पर नतीजों के लिए 27 अक्टूबर को मतगणना होगी.
कौन हैं BJP MLC देवेंद्र प्रताप सिंह?
देवेंद्र प्रताप सिंह मूल रूप से गोरखपुर के भौवापार इलाके से ताल्लुक रखते हैं. उनका सार्वजनिक जीवन छात्र राजनीति के दौर से ही काफी संघर्षपूर्ण रहा. 1970 के दशक में उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से छात्र राजनीति में कदम रखा. वर्ष 1971 में बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के समर्थन में छात्र आंदोलन से लेकर 1975 के जेपी आंदोलन और आपातकाल के विरोध तक, वे लगातार आंदोलनों में सक्रिय रहे और कई बार जेल भी गए.
चार बार MLC बनने का सियासी रिकॉर्ड
देवेंद्र प्रताप सिंह का पूर्वांचल के शिक्षित और स्नातक वर्ग के मतदाताओं के बीच खासा प्रभाव माना जाता है. वे पहली बार समाजवादी पार्टी के टिकट पर गोरखपुर-फैजाबाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य (MLC) चुने गए. सपा प्रत्याशी के रूप में उन्होंने दोबारा इस सीट पर अपनी जीत दर्ज की. इसके बाद BJP के टिकट पर उन्होंने 2017 और फिर 2023 में लगातार शानदार जीत हासिल कर इस सीट से चार बार MLC बनने का रिकॉर्ड बनाया.