Good News For Noida: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के नोएडा (Noida) में अब जल्द ही लंदन (हीथ्रो एयरपोर्ट), आबू धाबी (मसदर सिटी) और कोरिया (सनचियन) की तरह पॉड टैक्सी (Pod Taxi) देखने को मिलेंगी। अगर प्राधिकरण की योजना सफल रही तो यह भारत का अपने आप में पहला प्रोजेक्ट होगा। यह नोएडा के लिए एक खुशखबरी (Good News For Noida) है।
एक रिपोर्ट के अनुसार यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण, जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को सेक्टर-21 से जोड़ने के लिए इस प्रस्ताव पर काम कर रहा है। इसके लिए तीन देशों में हो रहे पॉड टैक्सी के संचालन का अध्ययन किया जा रहा है।
इन कंपनियों को सौंपी डीपीआर की जिम्मेदारी
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का जिम्मा इंडियन पोर्ट रेल और रोपवे कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईपीआरआरसीएल) को सौंपा गया है। कंपनियां से पीआरटी प्रणाली चलाने वाली लंदन, अबू धाबी और दक्षिण कोरिया की एजेंसियों से संपर्क करने को कहा गया है। अधिकारियों की ओर से बताया गया है कि आईपीआरआरसीएल ने एजेंसियों को पत्र लिख कर सिस्टम के बारे में विवरण देने का अनुरोध किया है।
विदेशी कंपनियों से मांगी जानकारी
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि IPRRCL ने विदेशों में इन एजेंसियों को अपनी DPR भेज दी है। उनसे सअनुरोध इनपुट मांगा गया है। बताया गया है कि अधिकारी इन तीन देशों का दौरा करेंगे। प्रत्यक्ष रूप से यहां पहुंच कर इसकी सुविधाओं को देखेंगे।
शासन ने कहा- पहले विदेश जाकर खुद देखें
बताया गया है कि इस साल जनवरी में जब डीपीआर का मसौदा राज्य सरकार की पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) की मूल्यांकन समिति के सामने मंजूरी के लिए पेश किया गया, तो समिति ने येडा से पूछा गया था कि क्या सलाहकार ने अन्य देशों में इस परिवहन सेवा का तुलनात्मक अध्ययन किया है? इसके पीछे कारण था कि पॉड टैक्सी भारत में अभी कहीं नहीं है। इसके बाद शासन की ओर से सलाहकार को विदेशों में डेवलपर्स से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं।
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प्राधिकरण के अधिकारियों ने जताई ये संभावना
शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि इस परियोजना के लिए सबसे बड़ी चुनौती जमीन की उपलब्धता है, लेकिन येडा के मामले में ऐसा नहीं है। हमारे पास इस प्रणाली के लिए पहले से ही 75 मीटर चौड़ी सड़कें हैं। इस बात की पूरी संभावना है कि यह सेवा जेवर में सफल होगी क्योंकि यह यात्रियों के एक बेहतर सेवा देगी।
जेवर हवाई अड्डे से सीधे अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी को भी जोड़ेगी। साथ ही इस 14.6 किलोमीटर लंबे मार्ग का इस तरह से विकसित किया जाएगा कि आसपास के कई औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों को भी लाभ होगा।
इन सेक्टरों को जोड़ेगा पॉड टैक्सी रूट
डीपीआर के मसौदे के मुताबिक पीआरटी कॉरिडोर में 12 स्टेशन होंगे। यह नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से शुरू होगी। सेक्टर-29 (हस्तकला पार्क, एमएसएमई पार्क, परिधान पार्क में स्टेशन के साथ), सेक्टर-32, सेक्टर-33, से होकर गुजरेगी। सेक्टर-21 में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी पर खत्म होगी।
क्या है पॉड टैक्सी सर्विस
बता दें कि पॉड टैक्सी एक तरह के रोपवे सिस्टम पर काम करता है। लंदन, आबू धाबी और कोरिया में इन टैक्सी का संचालन किया जाता है। यह एक तरह का रोपवे है, जिसे संभवतः लोहे के तार की जगह पाइप या फिर पिलर्स पर चलाया जाता है। अधिकारियों का दावा है कि यह भारत का पहला प्रोजेक्ट है।
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