ग्रेटर नोएडा वेस्ट से 3 मिनट में पहुंचेंगे गाजियाबाद, शाहबेरी के जाम से मिलेगी निजात

Uttar Pradesh Greater Noida West : ग्रेटर नोएडा वेस्ट के शाहबेरी में लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिलने वाली है। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने CRRI से मंजूरी मिलने के बाद इस पर काम शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि अगली बोर्ड बैठक में इस पर रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। शासन से अनुमति मिलने के बाद टेंडर जारी किया जाएगा।

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Uttar Pradesh Greater Noida West (जुनेद अख्तर) : ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (CRRI) की ओर से भेजे गए शाहबेरी फ्लाईओवर के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह फ्लाईओवर शाहबेरी गांव से शुरू होकर क्रॉसिंग रिपब्लिक तक जाएगा, जिसकी लंबाई करीब 3.8 किलोमीटर होगी। बताया जा रहा है कि फ्लाईओवर का निर्माण होने से दो जिलों की कनेक्टिविटी आसान हो जाएगी। साथ ही यहां लगने वाला एक घंटे का भीषण जाम खत्म हो जाएगा और लोग 3 मिनट में इस दूरी को तय कर सकेंगे।

शाहबेरी रूट से रोज गुजरते हैं 50 हजार वाहन

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एक सर्वे के मुताबिक शाहबेरी वाले से रूट से रोजाना 50 हजार वाहन गुजरते हैं। सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण ये वाहन एक घंटे तक ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है। अथॉरिटी के मुताबिक, फ्लाईओवर के निर्माण से यह जाम पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। अथॉरिटी अधिकारी ने बताया कि CRRI से प्रस्ताव मंजूर होने के बाद अब इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। डीपीआर तैयार होने के बाद इसे प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में पेश किया जाएगा और फिर शासन से अंतिम मंजूरी ली जाएगी। इस परियोजना के पूरा होने से इलाके में जाम की समस्या से निजात मिलेगी।

फ्लाईओवर की चौड़ाई और तकनीकी जानकारी

सीआरआरआई ने इस फ्लाईओवर के लिए दो प्रस्ताव दिए थे, जिसमें 14 मीटर और 16 मीटर चौड़ी एलिवेटेड रोड का सुझाव शामिल था। ग्रेनो प्राधिकरण ने 16 मीटर चौड़े फ्लाईओवर का प्रस्ताव चुना है, जो इटेड़ा गोल चक्कर से राष्ट्रीय राजमार्ग-9 (एनएच-9) तक बनेगा। यह चौड़ाई भारी ट्रैफिक को संभालने में सक्षम होगी और गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक सुपरफास्ट कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। फ्लाईओवर का निर्माण शुरू होने से पहले सभी तकनीकी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी। बताया जा रहा है कि इसके निर्माण की पहली किश्त 80 से 90 करोड़ रुपए के बीच होगी।

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जेवर एयरपोर्ट पहुंचने में आसानी

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) के 2025 में शुरू होने की उम्मीद है। इसके शुरू होने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोग गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा होते हुए एयरपोर्ट पहुंचेंगे। शाहबेरी फ्लाईओवर इस रूट को जाम मुक्त बनाएगा, जिससे यात्रियों का समय बचेगा। साथ ही, इससे गाजियाबाद, क्रॉसिंग रिपब्लिक और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों के लिए रोजमर्रा की यात्रा आसान हो जाएगी। यह परियोजना क्षेत्र के समग्र विकास में भी योगदान देगी।

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क्यों जरूरी है यह फ्लाईओवर?

शाहबेरी और क्रॉसिंग रिपब्लिक के बीच भारी ट्रैफिक के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। मौजूदा सड़क की चौड़ाई कम होने और वाहनों की संख्या बढ़ने से यह समस्या और गंभीर हो गई है। इस फ्लाईओवर के बनने से ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लोग बिना किसी रुकावट के अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी एयरपोर्ट शुरू होने से पहले ही रोड नेटवर्क को मजबूत करने में लगी हुई है, जिसका यह फ्लाईओवर अहम हिस्सा है।

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क्षेत्रीय विकास के लिए नई पहल

शाहबेरी फ्लाईओवर गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा और जेवर एयरपोर्ट तक का सफर आसान बनाने के साथ ही पश्चिमी यूपी के लिए अहम कड़ी साबित होगा। इस परियोजना से न सिर्फ यातायात की समस्या का समाधान होगा, बल्कि क्षेत्र में निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की यह पहल उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे के विकास में एक नया अध्याय जोड़ेगी।

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