गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन के 3 लाख लोगों को मिलेगी जाम से राहत, जानिए क्या है जीडीए का प्लान
Author: Aditya
Jun 11, 2025 08:11 PM IST
Ghaziabad News : गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में रहने वाले लाखों लोगों के लिए राहत देने वाली खबर है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण राजनगर एक्सटेंशन की मुख्य सड़क को जाम मुक्त करने के लिए कार्य कर रहा है। इसके लिए जीडीए द्वारा आउटर रिंग रोड़ सहित 5 सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। इन सड़कों के निर्माण के बाद राजनगर एक्सटेंशन की मुख्य सड़क को जाम मुक्त रखने के लिए इन 5 नई सड़कों का इस्तेमाल वैक्लिपक मार्गो की तरह किया जा सकेगा।
लाखों लोगों को मिलेगी राहत
गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में सबसे अधिक हाईराज सोसायटी है। यहां लगभग 50 से अधिक सोसायटियों और आधा दर्जन गांवों में 3 लाख की आबादी निवास करती है। राजनगर एक्सटेंशन का मुख्य मार्ग दिल्ली मेरठ जीटी रोड़ को एलिवेटेड रोड़ के माध्यम से दिल्ली से जोड़ता है। जिसके कारण इस मार्ग पर वाहनों का अधिक दबाव रहता है। इसी दबाव के चलते राजनगर एक्सटेंशन के मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति से लोगों को जुझना पड़ता है। इसी समस्या को दूर करने के लिए जीडीए द्वारा अब आउटर रिंग रोड़ सहित पांच सड़कों का निर्माण कराया जायेगा।
आउटर रिंग रोड़ है सबसे अधिक महत्वपूर्ण
राजनगर एक्सटेंशन में वर्ष 2018 में आउटर रिंग रोड़ 45 मीटर चौड़ी बनाने की योजना बनी थी, मगर अब इस आउटर रिंग रोड़ को 60 मीटर चौड़ी बनाने के निर्देश दिए गए है। इस योजना के लिए मंगलवार को जीडीए की एक टीम ने मौके पर पहुंचकर डिर्माकेशन करते हुए पिलर के लिए स्थान भी चिन्हित किए है। वहीं जीडीए द्वारा मेरठ रोड़ से आउटर रिंग रोड़ को जोड़ने के लिए एक 2700 मीटर लंबी हम-तुम मार्ग बनाया जायेगा। जिसके बाद वाहन इस मार्ग को भी वैक्लिपक मार्ग के तौर पर इस्तेमाल कर सकेंगे।
सिकरोड गांव के पास बनेगी 900 मीटर लंबी सड़क
राजनगर एक्सटेंशन को जाम मुक्त करने के लिए जीडीए द्वारा सिकरोड गांव के पास 900 मीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जायेगा। इसके अलावा बंधा रोड़ से नूरनगर गांव को जोड़ने वाली एक 18 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण होगा। इसके अलावा एक 18 मीटर चौड़ी सड़क रिवर-हाइट्स हाई राइज कॉम्पलेक्स के पीछे से जोड़ी जायेगी। जीडीए के उपाध्यक्ष अतुल वत्स के अनुसार, इन सभी मार्गो के तैयार होने से राजनगर एक्सटेंशन की मुख्य सड़क से वाहनों का दबाव कम होगा। सभी महत्वपूर्ण सड़कें बनाई जायेगी।