Sanjeev Jeeva Murder: गैंगस्टर संजीव जीवा की पत्नी को SC से बड़ा झटका, योगी सरकार के जवाब पर कोर्ट ने कहा- छुट्टियों के बाद होगी सुनवाई
Edited By Naresh Chaudhary

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Sanjeev Jeeva Murder: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को गैंगस्टर-राजनेता मुख्तार अंसारी के शार्प शूटर और गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी जीवा की पत्नी की याचिका को खारिज दिया है। संजीव जीवा की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई की कि उसे पति के अंतिम संसार में शामिल होने दिया जाए। बता दें कि बुधवार को लखनऊ के सिविल कोर्ट में पेशी के दौरान कुख्यात गैंगस्टर संजीव जीवा की 7 गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी।
समाचार एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल की अवकाशकालीन पीठ ने पाया कि मारे गए गैंगस्टर की पत्नी पायल माहेश्वरी द्वारा मांगी गई राहत, बदलती रहती है और अवकाश पीठ द्वारा इस मामले की सुनवाई की कोई जल्दी नहीं थी। इसने कोर्ट ने कहा है कि मामला अब जुलाई में छुट्टियों के बाद सुना जाएगा।
उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की पीठ को बताया है कि गैंगस्टर का अंतिम संस्कार गुरुवार को हो गया है। उसकी पत्नी अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुई, जबकि राज्य सरकार ने आश्वासन दिया था कि अगर वह अंतिम संस्कार में शामिल होती है तो उसके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी।
यूपी सरकार ने शीर्ष अदालत को बताया कि गैंगस्टर के बेटे ने अंतिम संस्कार किया। कोर्ट में पायल माहेश्वरी के वकील ने कहा कि वह पति के अंतिम संस्कार के बाद की रस्में करना चाहती हैं और इस दौरान उनके खिलाफ कोई कठोर कदम नहीं उठाया जाना चाहिए। इस पर राज्य की ओर से पेश वकील ने कहा कि अनुमति मांगने वाला एक हिस्ट्रीशीटर और गैंग लीडर भी है। सरकार ने कहा है कि हमने पहले ही अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति दे दी थी, लेकिन उसने नहीं दी।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने अपने आदेश में कहा है कि मामले का उल्लेख इस आधार पर किया गया था कि याचिकाकर्ता के पति का अंतिम संस्कार होना था और इस पर याचिकाकर्ता किसी भी कठोर कार्रवाई से सुरक्षा मांगी थी। हमें आज पता चला है कि अंतिम संस्कार पहले ही हो गया है। याचिकाकर्ता अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुई और अंतिम संस्कार बेटे ने किया।
कोर्ट ने कहा कि हमें बताया गया था कि याचिकाकर्ता के अंतिम संस्कार में शामिल होने की स्थिति में कोई कठोर कदम नहीं उठाया जा सकता था। ऐसी परिस्थितियों में हमें नहीं लगता कि छुट्टी के दौरान मामले को उठाने की कोई जल्दबाजी है, मामले को नियमित पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करें।
बता दें कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात गैंगस्टर और मुख्तार अंसारी के शार्प शूटर संजीव माहेश्वरी उर्फ संजीव जीवा की लखनऊ के सिविल कोर्ट में पेशी के दौरान गोली माकर हत्या कर दी गई थी। इस दौरान दो पुलिस वाले और एक डेढ़ साल की बच्ची लक्ष्मी उर्फ लाडो को भी गोली लगी थी। सभी को केजीएमयू में के ट्रॉमा सेंटर में भऱ्ती कराया गया है।
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