Greater Noida News: दिल्ली-एनसीआर के ट्रैफिक दबाव को कम करने और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सीधी कनेक्टिविटी को बेहतर बनाया जाएगा. केंद्र सरकार ने एक नए 30 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे को मंजूरी दी है. यह एक्सप्रेस वे दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर एयरपोर्ट को सीधे जोड़ेगा. यह परियोजना क्षेत्र की सड़कों पर ट्रैफिक का बोझ कम करेगा. कई दिनों से इसको बनाने की कवायद चल रही थी.
यमुना किनारे बनेगा नया एक्सप्रेस वे
यह नया एक्सप्रेसवे नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के बराबर यमुना नदी के किनारे बनेगा. पुस्ता रोड को नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे व यमुना एक्सप्रेस वे से जोड़ेगा. इससे वैकल्पिक रूट मिल सकेगा और मौजूदा नोएडा ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा.
महेश शर्मा के प्रस्ताव को मिला गडकरी का समर्थन
इस परियोजना का प्रस्ताव सबसे पहले गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा ने रखा था, जिसे अब केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का समर्थन प्राप्त हो गया है. हाल ही में जेवर एयरपोर्ट साइट पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के दौरान गडकरी ने घोषणा की कि इस प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा बनाया जाएगा और फंडिंग की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी.
दिल्ली-एनसीआर में 1.2 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट्स जारी
यह एक्सप्रेस वे उस 1.2 लाख करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर पुश का हिस्सा है, जो फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में चल रहे है. आधे से अधिक प्रोजेक्ट्स पर काम लगभग पूरा हो चुका है. वर्तमान में 25 किलोमीटर लंबा नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे हर दिन लगभग 5 लाख वाहनों का भार वहन कर रहा है. डीएनडी फ्लाईवे, चिल्ला बॉर्डर, कालिंदी कुंज और नोएडा के विभिन्न सेक्टरों से आने वाले वाहन पीक आवर्स में जाम की स्थिति बना देते है. नया एक्सप्रेसवे एक बाइपास कॉरिडोर की तरह काम करेगा. जेवर स्थित नोएडा एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों का सफर सुगम होगा.
2014 में खोला गया था पुस्ता
यह नया मार्ग एनएचएआई की निगरानी में तैयार होगा, जो इसे आधुनिक डिजाइन, टिकाऊ सामग्री और बेहतर सुरक्षा मानकों के साथ बनाएगा. बता दें कि वर्ष 2014 में यमुना पुस्ता रोड के 11 किलोमीटर हिस्से को खोला गया था लेकिन रखरखाव के अभाव में वह ज्यादा समय नहीं टिक सका.