बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 4 जुलाई से उत्तर प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे. राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उनका यह उत्तर प्रदेश का पहला दौरा होगा. अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए इस दौरे को संगठनात्मक और राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है. इस दौरान वह पार्टी संगठन को मजबूत करने, प्रदेश भाजपा की नवगठित टीम को दिशा देने और चुनावी रणनीति को धार देने के उद्देश्य से लगातार बैठकें करेंगे.
अपने दौरे के पहले दिन नवीन सुबह 11 बजे लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचेंगे, जहां पार्टी कार्यकर्ता उनका स्वागत करेंगे. इसके बाद एयरपोर्ट से प्रदेश भाजपा मुख्यालय तक उनका रोड शो निकलेगा, जो आलमबाग, टीएन चतुर्वेदी चौराहा, चारबाग, दीनदयाल स्मृतिका, महाराणा प्रताप चौराहा और बर्लिंगटन चौराहा होते हुए भाजपा कार्यालय पहुंचेगा. रास्ते में कई स्थानों पर उनके स्वागत की तैयारी की गई है.
भाजपा मुख्यालय पहुंचने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदेश पदाधिकारियों, क्षेत्रीय अध्यक्षों, मोर्चा अध्यक्षों और जिला अध्यक्षों के साथ संगठनात्मक बैठक करेंगे. शाम को वह लखनऊ स्थित हनुमान सेतु मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे. इसके बाद योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्रियों, भाजपा सांसदों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के साथ बैठक करेंगे. इसके पश्चात भाजपा की प्रदेश कोर कमेटी के साथ भी संगठनात्मक चर्चा होगी.
शाम 7:45 बजे नवीन पद्मश्री सम्मानित डॉ. विद्या बिंदु सिंह के आवास पर विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों से मुलाकात करेंगे. रात्रि भोज वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ करेंगे.
दौरे के दूसरे दिन रविवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष की शुरुआत प्रदेश भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्षों के साथ ‘चाय पर संवाद’ से होगी. इसके बाद वह एनडीए सहयोगी दलों के नेताओं के साथ संयुक्त बैठक करेंगे। सुबह 10:30 बजे वह उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या और ब्रजेश पाठक से अलग-अलग मुलाकात कर संगठन और सरकार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
दोपहर 2:45 बजे नितिन नवीन राष्ट्र प्रेरणा स्थल पहुंचकर भाजपा के शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन को संबोधित करेंगे. इसके बाद शाम 5 बजे वह लखनऊ के पीर नगर स्थित भाजपा बूथ अध्यक्ष शिवाजी रावत के आवास पर जाएंगे और बूथ स्तर पर संगठन की गतिविधियों, कार्यक्रमों तथा चुनावी तैयारियों की समीक्षा करेंगे.
उत्तर प्रदेश भाजपा की नई टीम के गठन के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष का यह पहला दौरा संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.