उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में अपनी पत्नी, बेटे और 2 पुजारियों की हत्या के आरोपी की एनकाउंटर में मौत हो गई. अरविंद नाम के आरोपी ने पहले अपनी बीवी और दो पुजारियों को गोली मारी थी. इसके बाद उसने अपने बच्चों को एक कमरे में बंधक बना लिया था. पुलिस जब उसे बार-बार सरेंडर करने को कह रही थी, तो वह बच्चों को गोली मारने की धमकी देता रहा. इसी बीच उसने अपने एक बेटे को गोली भी मार दी. जिसके बाद पुलिस ने कमरे में घुसकर उसे दबोचने की कोशिश की. लेकिन आरोपी ने पुलिस पर ही फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद पुलिस ने फायरिंग का जवाब दिया तो आरोपी को गोली लग गई.
आजमगढ़ के एसएसपी अनिल कुमार ने बताया, ‘अरविंद नाम का एक आरोपी अपनी पत्नी और उसे घर पर आए हुए दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इसके बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपी ने बच्चों को कमरे के अंदर बंद कर लिया. पुलिस ने आरोपी को सरेंडर करवाने और बच्चों को छोड़ने के लिए समझाने की कोशिश की. आरोपी के परिवार वालों ने भी समझाया.’
साथ ही उन्होंने कहा, ‘आरोपी ने पुलिस को बच्चों को गोली मार देने की धमकी दी. इसी दौरान आरोपी ने अपने बेटे को भी गोली मार दी. गोली की आवाज पर पुलिस तुरंत कमरे के अंदर घुसी. वहां पर आरोपी ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने उसे चेतावनी दी, हवा में फायरिंग की, लेकिन फायरिंग जारी रही. पुलिस ने अपनी आत्मरक्षा और बच्चों की सुरक्षा के लिए गोली चलाई, जिसमें आरोपी घायल हो गया. अस्पताल ले जाने पर अरविंद की मौत हो गई है.’
पुलिस और आरोपी के बीच पूरी रात करीब आठ घंटे ड्रामा चला. उसने अपने एक बेटे और दो बेटियों को बंधक बनाया था. बेटे को तो उसने गोली मार दी थी, जिसकी मौत हो गई. लेकिन पुलिस ने दोनों बेटियों को बचा लिया.
घटना आजमगढ़ जिले के शंभूपुर गांव की है, जहां मंगलवार रात को अरविंद की बीवी ने दो पुजारियों को घर बुलाया था. तीनों मिलकर घर में ही पूजा कर रहे थे. बताया जा रहा है कि आरोपी के भाई की मौत के संबंध में ही यह पूजा-पाठ करवाया जा रहा था. जब अरविंद अपने घर पहुंचा तो उसने घर पर दो पुजारियों की मौजूदगी पर सवाल उठाया. जिसके बाद उनमें बहस हुई और आरोपी ने गोली मारकर तीनों की हत्या कर दी.
यह भी बताया जा रहा है कि उस वक्त दो अन्य पुजारी भी घर पर थे. जब अरविंद ने गोलियां चलाई तो वो दो पुजारी घर से भागने में कामयाब रहे.