'मुसलमान होने की सजा मिल रही', गिरफ्तारी पर छलका आजम खान का दर्द, ED ने आज कोर्ट में किया पेश

आजम खान को आज ED ने गाजियाबाद में कोर्ट में पेश किया और अब उन्हें डासना जेल भेजा जा सकता है. बीते दिन जेल से बाहर आते ही ED ने उन्हें अरेस्ट कर लिया और इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उनके दिल का दर्द भी छलका.

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पैन कार्ड केस में जमानत मिलने पर जेल से बाहर आए आजम खान को ED ने अरेस्ट कर लिया था. (Credit-ANI)

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने आज गाजियाबाद में विशेष प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) कोर्ट में पेश किया है. ED ने आजम खान की कस्टडी मांगी है और उन्हें अब डासना जेल में भेजा जा सकता है. जांच एजेंसी ने आजम खान को बीती रात रामपुर जेल से रिहा होते ही गिरफ्तार कर लिया था. आजम खान को पैन कार्ड केस में जमानत मिलने पर रिहा किया गया था, लेकिन जेल से बाहर आते ही करीब 15 मिनट के अंदर रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में उन्हें ED ने गिरफ्तार कर लिया.

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आजम खान का दर्द निराशा के साथ छलका

आजम खान से गिरफ्तारी के दौरान मीडिया ने सवाल किए तो जवाब देते हुए उनके दिल का दर्द भी छलक गया. जब मीडिया ने पूछा कि क्या वह आज कुछ बोलेंगे तो जवाब में निराशा और बेबसी भरे अंदाज में कहा कि अब बोलने के लिए बचा ही क्या है? मैं अब क्या कह सकता हूं? कानून खत्म हो गया है, मुसलमान होने की सजा मिल रही है? हमारी गलती यह थी कि मुस्लिम ने यूनिवर्सिटी बनाई और ऐसा करके हमने गुनाह कर दिया. हमने बच्चों के लिए स्कूल बनाए, क्या यह हमारा गुनाह है?

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अखिलेश यादव ने गिरफ्तारी का विरोध किया

आजम खान से जुड़े घटनाक्रम पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने आजम खान की गिरफ्तार पर विरोध जताया है और भाजपा सरकार पर राजनीतिक बदले की कार्रवाई करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि ED ने जौहर यूनिवर्सिटी की करोड़ों रुपये की संपत्ति अटैच कर रखी है और अब आजम खान को अरेस्ट कर लिया है. आखिर जांच एजेंसी क्या करता चाहती है और वह भाजपा सरकार के हाथों की कठपुतली बनकर काम क्यों कर रही है?

आजम खान के वकील के सरकार पर आरोप

जेल के बाहर से आजम खान की ED गिरफ्तारी पर उनके वकील नासिर सुल्तान ने कहा कि आजम खान को जेल से बाहर निकलते ही उठा लिया गया और वह भी कारण बताए बिना, बिना किसी पूर्व जानकारी के. उन्हें कहां ले जाया जा रहा है या कौन ले जा रहा है, किसी को नहीं पता है. ऐसा पहले कभी नहीं हुआ. हमने पहले कभी किसी को जेल से निकलते ही इस तरह उठाते या हिरासत में लेते नहीं देखा. उन्हें 3 दिन की कड़ी मेहनत और संघर्ष के बाद रिहा कराया गया, लेकिन बस तुरंत ले जाने के लिए नहीं. मुझे कहना होगा, यह सरकार के तानाशाही रवैये का सबूत है.

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आजम खान से असल में किसे खतरा महसूस होता है? 2027 के चुनाव पास आ रहे हैं, जिन्हें खतरा महसूस हो रहा है, वही इसे करवा रहे हैं. सरकार नहीं चाहती कि वह आजाद हों. अभी सत्ता में जो पार्टी है, उसे डर है कि उनकी रिहाई उनके लिए नुकसानदायक होगी.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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