Azam Khan forced to sleep on floor in rampur jail: उत्तर प्रदेश की रामपुर जेल में आजम खान जमीन पर सोने के लिए मजबूर हैं. अदालत द्वारा ए‑क्लास कैदी घोषित किए जाने के बावजूद आज़म खान को जेल मैनुअल में दर्ज बुनियादी सहूलियतें जैसे बेड या तख्त, स्टूल, कुर्सी, लैम्प और अलग टॉयलेट नहीं दी जा रहीं. यह आरोप रामपुर की सीट से पूर्व लोकसभा प्रत्याशी और आजम खान के बेहद करीबी आसिम राजा ने प्रेसवार्ता के दौरान लगाए और जेल में आजम खान के साथ हो रहे दुर्व्यवहार पर नाराजगी और चिंता जताई. आसिम राजा ने भाभी की मौत पर भी आजम खान को पैरोल न दिए जाने के प्रशासन के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण और अमानवीय बताया. वह कहते हैं कि जब देश में हत्यारों, सजायाफ्ता अपराधियों और बलात्कारियों तक को पैरोल मिल सकता है, तो एक वरिष्ठ सियासी शख्सियत आज़म खान को यह अधिकार न देना अन्याय है.
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जेल में आजम खान की जिंदगी से खिलवाड़
आसिम राजा ने आरोप लगाते हुए कहा कि अदालत द्वारा ए‑क्लास कैदी घोषित किए जाने के बावजूद आज़म खान को जेल मैनुअल में दर्ज बुनियादी सहूलतें जैसे बेड या तख्त, स्टूल, कुर्सी, लैम्प और अलग टॉयलेट नहीं दिए जा रहे, जबकि सर्दी में 6–7 डिग्री तापमान पर उन्हें जमीन पर सोने के लिए मजबूर किया जा रहा है, 78 वर्ष की उम्र, फेफड़ों के इंफेक्शन और लगातार खांसी के बावजूद इस तरह का व्यवहार बेहद निंदनीय और उनकी ज़िंदगी से खिलवाड़ है, रामपुर की पूरी जनता, बाहर के लोग और देश भर के कई लोग इस फैसले की निंदा कर रहे हैं.
आज़म खान को जेल में कुछ हुआ तो प्रशासन जिम्मेदार
आसिम राजा ने कहा कि अगर आजम खान को जेल में कुछ भी होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी. आसिम राजा ने डीएम और जेल प्रशासन से सवाल करते हुए कहा कि जब जेल मैनुअल खुद इन सुविधाओं का प्रावधान करता है तो उन्हें लागू क्यों नहीं किया जा रहा, और अगर सरकार के पास बजट नहीं है तो वह खुद इन चीजों की व्यवस्था करने को तैयार हैं,बशर्ते उन्हें अनुमति दी जाए, अंत में वह अपील करते हैं कि इतनी बड़ी सियासी शख्सियत के साथ इंसानियत के नाते भी बेहतर बर्ताव होना चाहिए और उनकी ज़िंदगी से खेलना बंद किया जाए, गौरतलब है कि आजम खान अभी बेटे अब्दुल्ला आजम के दो पैन कार्ड मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद रामपुर की जिला जेल में सात साल की सजा काट रहे हैं.