Atiq Ashraf Murder: प्रयागराज में ही हुआ अतीक का अंत..., जानें माफिया की पूरी कहानी
Edited By Naresh Chaudhary

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Atiq Ashraf Murder: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बाहुबली माफिया से नेता बने अतीक अहमद और उनके परिवार से हर कोई परिचित था। पिछले काफी लंबे समय से अतीक अहमद गुजरात की साबरमती जेल में बंद था, लेकिन 24 फरवरी को प्रयागराज में विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या के बाद अतीक और उसका कुनबा फिर से चर्चाओं में आ गया। इस रिपोर्ट में हम बताएंगे कि अतीक ने कहां से शुरुआत की और अब अतीक के खानदान का कैसा अंत हुआ।
जानकारी के मुताबिक अतीक अहमद के खिलाफ करीब 95 से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे। इनमें वर्ष 2005 में हुआ विधायक राजू पाल हत्याकांड भी शामिल था। इसके अलावा प्रयागराज के खुलदाबाद, धूमनगंज, सिविल लाइंस और पुरामुफ्ती समेत कई थानों में ये मुकदमे दर्ज थे। इन मुकदमों में धाराओं की बात करें तो हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा, धमकी देना, जमीन कब्जे और रंगदारी के साथ गैंगस्टर भी शामिल है।
अतीक अहमद प्रयागराज की शहर पश्चिम सीट से 5 बार के विधायक और फूलपुर लोकसभा सीट से एक बार सांसद चुना गया था। साल 2017 में एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में मारपीट और धमकी देने के मामले में उसे जेल भेजा गया था। अतीक पहले प्रयागराज की नैनी जेल में बंद था। इसके बाद सरकार ने उन्हें देवरिया जेल में शिफ्ट किया। देवरिया जेल में बिल्डर मोहित जायसवाल को अगवा करके मारपीट के मामले में उनका नाम सामने आने के बाद लखनऊ में एक और मुकदमा दर्ज कराया गया।
मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट में गया, जिसके बाद अतीक को गुजरात की साबरमती जेल भेजा गया। बताया गया था कि गुजरात जेल में रहते हुए अतीक के गुर्गों ने प्रापर्टी के मामले में कई लोगों से रंगदारी मांगी थी। इस मामले में भी प्रयागराज के पुरामुफ्ती और धूमनगंज थाने में अतीक और उसके गुर्गों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। इस मामले में भी कुछ लोगो को गिरफ्तार किया गया था।
अतीक के भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य आरोपी था। अशरफ ने शहर पश्चिम सीट से एक बार सपा के टिकट पर चुनाव जीता था। अशरफ पर भी खुल्दाबाद, धूमनगंज, सिविल लाइंस और शाहगंज थाने में हत्या, हत्या का प्रयास, धमकी, बलवा, रंगदारी और जमीन कब्जे के करीब 40 मुकदमे दर्ज थे। अशरफ पर गैंगस्टर के तहत भी कार्रवाई हो चुकी थे। कुछ साल पहले अशरफ को पुलिस ने उनके ससुराल पुरामुफ्ती से गिरफ्तार किया था।
बताया गया है कि अतीक का बड़ा बेटा उमर अहमद लॉ की पढ़ाई कर रहा था। अतीक के जेल में रहते हुए उसने अपने पिता की राजनीतिक कार्यों को संभाला। लखनऊ के बिल्डर मोहित जायसवाल को अगवा करके देवरिया जेल में मारपीट की थी। उसकी कंपनी अतीक ने अपने नाम कराई थी, जिसमें उमर को भी आरोपी बनाया गया। उमर ने कुछ दिन पहले लखनऊ की सीबीआई कोर्ट में सरेंडर किया था। तब से वह लखनऊ जेल में बंद है।
अतीक के छोटे बेटे अली अहमद पर रंगदारी और धमकी देने के दो मुकदमे दर्ज हैं। एक मुकदमा अतीक के साड़ू इरान जेई के भाई जीशान ने करेली थाने में दर्ज कराया था। इसमें आरोप था कि अतीक ने अपने बेटे अली के जरिए जीशान से करोड़ों की रंगदारी मांगी थी। नहीं देने पर उसकी जामीन अपने नाम लिखने की धमकी दी। जीशान ने अली और अतीक के आधा दर्ज गुर्गों पर हत्या का प्रयास और रंगदारी के लिए धमकाने का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद अली ने कोर्ट में सरेंडर किया और अतीक के 4 गुर्गे गिरफ्तार हुए।
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