Asaduddin Owaisi: AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने संकेत दिया है कि उनकी पार्टी उन दलों के साथ चुनावी गठबंधन करने को तैयार है जो बीजेपी को यूपी में लगातार तीसरी बार सत्ता में आने से रोकना चाहते हैं. रविवार, 20 सितंबर को बोलते हुए, ओवैसी ने कहा कि विपक्षी दलों को ‘ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन’ के साथ बातचीत करनी चाहिए, क्योंकि कोई भी एक पार्टी अकेले भाजपा को असरदार तरीके से चुनौती नहीं दे सकती.
ओवैसी ने रखा बड़ा ऑफर
ओवैसी ने कहा कि AIMIM राज्य में बीजेपी की सरकार दोबारा बनने का विरोध करने वाले दलों के साथ सीट-शेयरिंग और सहयोग पर चर्चा करने को तैयार है. उन्होंने बिहार में पार्टी के तजुर्बे का जिक्र किया, जहां एआईएमआईएम ने कई विपक्षी समूहों से सीटें मांगी थीं लेकिन कोई समझौता नहीं हो पाया था. उन्होंने कहा कि गठबंधन हो या न हो, AIMIM अपना संगठन मजबूत करना जारी रखेगी. ओवैसी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में पार्टी का जमीनी नेटवर्क बढ़ा है और इसके नेता वोटर्स से सीधे जुड़ रहे हैं. उन्होंने सीधे तौर पर कहा, ‘अगर आप बीजेपी को रोकना चाहते हैं तो हमसे बात करें.’ ओवैसे ने 20 सितंबर की शाम को कहा कि वो गठबंधन को लेकर 2 अक्टूबर को फैसला करेंगे.
शासन से जुड़े मुद्दों पर फोकस
AIMIM चीफ ने कानून-व्यवस्था, बिजली, जमीन के विवाद और अधूरे वादों जैसे मुद्दों पर यूपी सरकार की आलोचना भी की. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि राम मंदिर फंड से जुड़ी कथित गड़बड़ी की SIT रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की गई, और ज्यादा पारदर्शिता की मांग की. ओवैसी ने पिछली समाजवादी पार्टी सरकारों के राजनीतिक माहौल की तुलना मौजूदा बीजेपी प्रशासन से की और आरोप लगाया कि अलग-अलग सरकारों के दौरान राजनीतिक और प्रशासनिक गड़बड़ियां होती रही हैं.
AIMIM ने यूपी में अपना कैंपेन तेज किया
पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी पहले ही शुरू कर दी है. ओवैसी उत्तर प्रदेश भर के चुनावी क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं और कानपुर, श्रावस्ती और आजमगढ़ में सभाओं को संबोधित करने वाले हैं, जिसके बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कार्यक्रम होंगे.
एआईएमआईएम 2027 के यूपी चुनावों से पहले इस राज्य में अपनी चुनावी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रही है. इस साल की शुरुआत में, पार्टी ने संकेत दिया था कि वो गठबंधन की संभावना को खुला रखते हुए बड़ी संख्या में सीटों पर चुनाव लड़ सकती है, जिसमें बीएसपी के साथ बातचीत भी शामिल है.
ओवैसी ने बार-बार चुनावी मुकाबले के लिए विपक्ष की एकता को अहम बताया है, जबकि समाजवादी पार्टी और दूसरे विपक्षी ग्रुप चुनावों के लिए अपनी-अपनी रणनीतियां तैयार कर रहे हैं. गठबंधन का आखिरी स्वरूप और सीट-शेयरिंग की बात अभी तय नहीं हुई है. अब देखना होगा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ओवैसे के इस ऑफर स्वीकार करती है या नहीं.
संबंधित खबरें
वृंदावन में हादसा या लापरवाही? सफाई करने टैंक में उतरे 4 छात्रों की मौत
7 hrs agoदिल्ली-NCR और उत्तर भारत में कांपी धरती, उत्तराखंड में 4.9 तीव्रता का भूकंप
15 hrs agoअब नहीं रोकेगी पढ़ाई, गांव में खुला ज्ञान का डिजिटल द्वार: सीएम योगी
18 hrs agoनोएडा एक्सप्रेसवे पर डबल डेकर बस में आग, बिहार जा रहे 30 यात्री बस से कूदे
19 hrs agoक्या मौत से पहले डिप्रेशन में था प्रेमानंद महाराज का शिष्य रसिक दुलारी?
1 day agoपीएम मोदी के विजन को डबल इंजन सरकार ने जमीन पर उतारा: सीएम योगी
1 day agoUP राज्यसभा चुनाव में तीसरा कैंडिडेट नहीं उतारेंगे सपा प्रमुख अखिलेश यादव?
1 day agoUP सरकार का बड़ा फरमान, अब दवाओं की मनमानी कीमत पर लगेगी लगाम
1 day agoLPG: e-KYC न कराने पर गाजियाबाद में 1.5 लाख घरों में गैस सिलेंडर बुकिंग बंद
1 day agoपावर स्टार पवन सिंह पर 1000 रुपए जुर्माना, फैमिली कोर्ट में नही हुए पेश
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines