Amethi Murder Case: उत्तरप्रदेश के अमेठी में एक सरकारी स्कूल के शिक्षक, उनकी पत्नी और दो बेटियों की गुरुवार रात को गोली मारकर हत्या कर दी गई। परिवार ने एक महीने पहले एक युवक के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। जिसके अनुसार अगर उनके साथ अनहोनी होती है वह इसके लिए जिम्मेदार होगा। मामले में एसपी ने बताया कि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि ये मौते मामले से जुड़ी हैं या नहीं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
अमेठी के एसपी अनुप कुमार सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि सुनील की पत्नी पूनम ने 18 अगस्त को रायबरेली में चंदन वर्मा के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट 1989 के तहत मामला दर्ज करवाया था। शिकायत में कहा गया था कि अगर उसे या उसके परिवार को कुछ भी होता है तो चंदन वर्मा को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। एसपी ने कहा कि अभी तक इस मामले में जांच की जरूरत है। बता दें कि घटनास्थल जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर है।
जांच के लिए टीमें गठित
वहीं उधर हत्याकांड के बाद से ही चंदन वर्मा फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है, लेकिन अभी तक उसके बारे में कुछ पता नहीं चल सका है। वहीं पुलिस प्रेम-प्रसंग का संदेह भी जता रही है क्योंकि एफआईआर करवाने के एक महीने बाद ही शिक्षक, पत्नी और दो बच्चों की हत्या कर दी गई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार तीन से ज्यादा बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस ने मौके से 9 खोखे और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है।
जानें कौन हैं चंदन वर्मा
चंदन वर्मा रायबरेली जिले के तेलिया कोट का रहने वाला है। 18 अगस्त को सुनील की पत्नी बच्चे को सुमित्रा हाॅस्पिटल में दवा दिलाने गई थी। इस दौरान चंदन ने सुनील की पत्नी से अश्लील हरकत की थी और सुनील की पिटाई भी की थी। इसके साथ ही उसने धमकी दी थी कि अगर एफआईआर दर्ज हुई तो उसे जान से मार देगा। फिलहाल पुलिस चंदन वर्मा की तलाश में जुटी है। पुलिस का दावा है कि चंदन की गिरफ्तारी से हत्या से जुड़े कई राज खुल सकते हैं।
विपक्ष ने साधा निशाना
वहीं मामले को लेकर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती ने सवाल उठाए हैं। अखिलेश यादव ने पोस्ट कर कहा कि नहीं चाहिए भाजपा। वहीं मायावती ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि अमेठी में दलित परिवार के चार लोगों की हत्या अत्यंत दुखद घटना है। सरकार दोषियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए ताकि अपराधी बेखौफ न रहें।