समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि सपा अपना गठबंधन नहीं तोड़ेगी और उसकी लड़ाई भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ है. उन्होंने भाजपा सरकार पर बड़े कारोबारी समूहों को फायदा पहुंचाने वाली नीतियां अपनाने का आरोप लगाया.
सपा 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ यानी इंडिया गठबंधन का हिस्सा थी. सपा और कांग्रेस लगातार कह रहे हैं कि दोनों दल 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ेंगे.
शनिवार को सपा मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए अखिलेश ने कहा कि समाजवादी पार्टी कभी गठबंधन नहीं तोड़ती. पार्टी जब किसी के साथ आगे बढ़ती है तो उसके साथ खड़ी रहती है और अपने वादे निभाती है.
उन्होंने कहा कि सपा का लक्ष्य समाजवादी विचारधारा और पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक आंदोलन के जरिए सामाजिक न्याय पर आधारित सरकार बनाना है. उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह पीडीए से डरी हुई है और इसलिए पीडीए की परिभाषाएं बदल रही है. उन्होंने कहा कि लोगों की परेशानी जितनी बढ़ेगी, पीडीए उतना ही मजबूत होगा.
महंगाई पर सरकार को घेरा
अखिलेश ने कहा कि त्योहारों के करीब आते ही जरूरी सामान महंगा हो रहा है. डीजल, पेट्रोल और दूसरी चीजों की कीमतें बढ़ रही हैं. उन्होंने चीनी की बढ़ती कीमतों पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुनाफे के लिए पेट्रोल में एथनॉल मिलाया जा रहा है और चीनी भी महंगी की जा रही है. उन्होंने पूछा कि यह पैसा किसकी जेब में जा रहा है.
सरकार के प्रति व्यक्ति आय बढ़ने के दावे पर भी उन्होंने सवाल उठाया. अखिलेश ने कहा कि अभी करीब 15 करोड़ लोगों को सब्सिडी वाला राशन दिया जा रहा है और पूछा कि इन 15 करोड़ गरीब लोगों की प्रति व्यक्ति आय कितनी है.
सहयोगियों को ज्यादा सीट देने की बात
सीट बंटवारे को लेकर अखिलेश ने कहा कि सपा चाहती है कि उसके सहयोगी दलों को ज्यादा सीटें मिलें. उन्होंने कहा कि सहयोगियों को पहले के मुकाबले चार गुना ज्यादा सीटें दी जानी चाहिए.
उन्होंने भाजपा सरकार पर बड़े पैमाने पर अन्याय और अलग-अलग समुदायों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया. महिलाओं की आर्थिक मदद वाली योजनाओं पर उन्होंने कहा कि सपा पहले ही 40 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा कर चुकी थी और अब भाजपा भी ऐसे वादे कर रही है.
सच बोलना मुश्किल, पत्रकारों पर दबाव
अखिलेश ने कहा कि आज सच बोलना मुश्किल हो गया है और पत्रकार दबाव में हैं. उन्होंने कहा कि सच बोलने पर हमला होने का डर रहता है और अब सच बोलना गलत माना जाता है.
सपा सांसदों के अलग होने की खबरों पर उन्होंने परिवारवाद को लेकर कहा कि कभी-कभी परिवारवाद के फायदे भी होते हैं. उन्होंने कहा कि एक ही परिवार के पांच सांसद होने की वजह से पूरी पार्टी नहीं टूटी. साथ ही पार्टी में कई मुस्लिम सांसद और कुछ पक्के समाजवादी भी थे, इसलिए संख्या नहीं बढ़ सकी.
प्राथमिक शिक्षा पर भी निशाना
अखिलेश ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा को जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकारी प्राथमिक स्कूलों में पिछड़े समुदायों के बच्चों की संख्या ज्यादा है.
उन्होंने कहा कि सपा की सरकार बनने पर सरकारी प्राथमिक स्कूलों की स्थिति सुधारने के साथ बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने पर भी काम किया जाएगा.
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