Vasundhara Raje Rajasthan CM New Face: तीन राज्यों में बीजेपी की शानदार जीत के बाद रविवार को छत्तीसगढ़ में सीएम पद को लेकर तस्वीर साफ हो गई। छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय को नया मुख्यमंत्री चुना गया है। वह पंच से लेकर सीएम की कुर्सी तक पहुंचे हैं। बीजेपी आलाकमान ने नया नाम अनाउंस कर एक बड़ा सियासी संदेश भी दिया है। आइए जानते हैं कि BJP के इस फैसले के राजस्थान और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को लेकर क्या मायने हो सकते हैं।
राजस्थान में भी नए चेहरे पर दांव खेल सकती है बीजेपी
छत्तीसगढ़ के लिए नए चेहरे का अनाउंसमेंट होते ही ये माना जाना चाहिए कि राजस्थान में भी बीजेपी नए चेहरे पर दांव खेलेगी। पहले ही कहा जा रहा था कि बीजेपी लोकसभा चुनाव से पहले तीनों राज्यों में नया सीएम फेस लाना चाहती है। बीजेपी में आलाकमान और संगठन की ही चलेगी, ये भी मान लेना चाहिए। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 15 साल तक मुख्यमंत्री रहे रमन सिंह से जब नए सीएम के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सबकी भूमिका संगठन में तय रहती है। सभी को अलग-अलग दायित्व दिया जाता है। कहा जा रहा है कि रमन सिंह को स्पीकर की भी भूमिका मिल सकती है। मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी यही स्थिति देखने को मिल सकती है।
विधानसभा अध्यक्ष बनाया जा सकता है
ऐसे में वसुंधरा राजे की चिंता बढ़ना लाजिमी भी है। संभवतया उन्हें सीएम पद न दिया जाए, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष बनाया जा सकता है। इसे भी बड़ी भूमिका माना जाता है। डिप्टी सीएम को लेकर भी बीजेपी आलाकमान फैसला ले सकता है। दोनों राज्यों में सोमवार को विधायक दल की बैठक होगी।
राजे के घर दिनभर विधायकों की हलचल रही। कई विधायक उनके घर पहुंचे। ऐसे में ये माना जा रहा है कि वे पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं, लेकिन आलाकमान और संगठन की चली तो राजे को पीछे हटना पड़ेगा।
राजे के ट्वीट चर्चा में
इस बीच राजे के दो ट्वीट भी चर्चा में हैं। उन्होंने रविवार को अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल को याद करते हुए पोस्ट किया- ”हर व्यक्ति का स्वाभिमान एवं आत्मसम्मान बना रहे, इसके लिए मानव अधिकारों की रक्षा होना बेहद जरूरी है। भाजपा सरकार ने हर वह प्रयास किया, जिससे समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक उन्नति का उजियारा पहुंचा तथा मानव अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई।”
इससे पहले एक दिन पूर्व उन्होंने एंटी करप्शन डे पर पोस्ट कर लिखा था- हमारी भाजपा सरकार ने भामाशाह योजना, ऑनलाइन पेंशन, ई-मित्र, राजस्थान सम्पर्क, पॉस से राशन जैसी नीतियों को गति देकर राजस्थान को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
दोनों ट्वीट्स को राजे के राज से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि विधायक दल की बैठक से पहले वसुंधरा राजे की बेचैनी बढ़ गई है। देखना दिलचस्प होगा कि रमन सिंह की तरह वसुंधरा राजे खुद किसी दूसरे नाम का ऐलान करती हैं या फिर उनके नाम का अनाउंसमेंट कोई और करेगा…