Monday, 26 February, 2024

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Rajasthan: विधानसभा सत्र से पहले राजेंद्र गुढ़ा करेंगे प्रेस वार्ता, खोल सकते हैं लाल डायरी से जुड़े राज!

Politics on Lal Diary In Rajasthan: राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा चरण आज से शुरु होने जा रहा है। सत्र से पहले राजस्थान के बर्खास्त मंत्री राजेंद्र गुढ़ा एक प्रेस वार्ता को संबोधित करने वाले हैं। राजेंद्र गुढ़ा को सीएम अशोक गहलोत ने मणिपुर हिंसा मामले में बयान देने के बाद बर्खास्त कर दिया […]

Edited By : Rakesh Choudhary | Updated: Aug 2, 2023 10:43
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Rajendra Gudha Press Conference On Lal Diary

Politics on Lal Diary In Rajasthan: राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा चरण आज से शुरु होने जा रहा है। सत्र से पहले राजस्थान के बर्खास्त मंत्री राजेंद्र गुढ़ा एक प्रेस वार्ता को संबोधित करने वाले हैं। राजेंद्र गुढ़ा को सीएम अशोक गहलोत ने मणिपुर हिंसा मामले में बयान देने के बाद बर्खास्त कर दिया था। इसके बाद 21 जुलाई को सदन में गुढ़ा ने धर्मेंद्र राठौड़ की कथित लाल डायरी को लेकर हंगामा किया था इसके बाद उन्हें विधायक पद से भी बर्खास्त कर दिया गया था।

राजस्थान के सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा है कि आखिर उस लाल डायरी में क्या है। जिसको लेकर विधानसभा में इतना हंगामा हुआ। गुढ़ा यह दावा पहले भी कर चुके थे कि वे इस डायरी के राज खोलेंगे। डायरी को लेकर राजनीतिक गलियारों में बड़ी उत्सुकता है। कांग्रेस के अधिकतर नेता यह जानते हैं कि सीएम गहलोत के नजदीकी धर्मेंद्र राठौड़ को डायरी लिखने की आदत है। वे पिछले कई सालों से नियमित रूप से डायरी लिखते आए हैं। यहां तक कि राठौड़ अपनी आगे की प्लानिंग भी डायरी में लिखा करते थे।

डायरी में हो सकते हैं कई सियासी राज!

राजस्थान में जुलाई 2020 में सचिन पायलट की बगावत के बाद जब सब कुछ ठीक हो गया था। इसके बाद नवंबर 2020 में आईटी ने धर्मेंद्र राठौड़ के ठिकानों पर रेड की थी। उस दिन राठौड़ के घर पर 2 डायरियां थी एक डायरी तो आईटी के हाथ लग गई लेकिन दूसरी डायरी गुढ़ा के हाथ लग गई। गुढ़ा का दावा था कि इस डायरी में कई सियासी राज छिपे हुए हैं।

सियासी संकट के वक्त की है कहानी

जुलाई 2020 में गहलोत सरकार पर सियासी संकट आया था। सचिन पायलट अपने समर्थक विधायकों के साथ हरियाणा के मानेसर चले गए थे। इधर गहलोत भी अपने समर्थक विधायकों के साथ 34 दिनों तक होटल में रहे। पहले जयपुर और उसके बाद जैसलमेर। उन दिनों प्रदेश की सियासी फिजाओं में इस बात की चर्चा जोरों पर थी कि वसुंधरा राजे गहलोत सरकार गिराने के पक्ष में नहीं है।

हालांकि बीजेपी भी अपने विधायकों की बाड़ेबंदी कर रही थी। जयपुर एयरपोर्ट पर कुछ हेलीकाॅप्टर आए थे जिनके जरिए कुछ विधायकाें को दक्षिण भारत भेजा जाना था। लेकिन विधायक आए ही नहीं और हेलीकाॅप्टर खाली रह गए। गुढ़ा का आरोप है कि अशोक गहलोत बीजेपी विधायकों को करोड़ों रूपए देकर खरीद लिया था। उस लेन-देन के सबूत इस डायरी में थे। कहा जा रहा है कि इसके अलावा इस डायरी में राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय विधायकों को दिए गए प्रलोभन की भी जानकारी है।

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First published on: Aug 02, 2023 10:38 AM

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