राजस्थान में बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य के लाउडस्पीकर वाले बयान पर सियासत में भारी उबाल है। इसके बाद पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने बीजेपी विधायक को नमूना कह दिया। डोटासरा के बयान पर पलटवार करते हुए बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य भी जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि डोटासरा ने मुझे नमूना कहकर साधु संतों का अपमान किया है। इसके लिए उनको माफी मांगनी चाहिए।
बीजेपी विधायक के लाउडस्पीकर के मुद्दे पर पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा के नमूने वाले बयान से हिंदूवादी संगठनों ने जमकर प्रदर्शन किया। हिंदू संगठनों ने कांग्रेस चीफ के बयान का रैली निकालकर प्रदर्शन किया। वहीं बीजेपी विधायक ने डोटासरा के बयान को साधु संतों का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें माफी मांगनी चाहिए। डोटासरा ने पहले भी विधानसभा स्पीकर के लिए अपमानजनक शब्द इस्तेमाल किए थे और टेबल पर चढ़ने का प्रयास किया था।
जानें बीजेपी विधायक ने क्या कहा?
बीजेपी विधायक ने कहा कि मैंने लाउडस्पीकर को लेकर कुछ गलत नहीं कहा। मैंने तो कहा कि रात को 2 बजे माइक लेकर घूम रहे हैं। सार्वजनिक इमारतों पर माइक लगा रहे हैं। मेरा मतलब यह था कि कोर्ट का आदेश है, वाॅल्यूम कितना होना चाहिए, उस मापदंड पर वाल्यूम रखा जाए। सुबह 5 बजे माइक चल रहे है, इससे मुझे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन रात को 2 बजे माइक चला रहे हैं और कहते हैं कि जाग जाओं, यह किसी भी प्रकार से उचित नहीं है।
जानें कांग्रेस अध्यक्ष ने क्या कहा?
इस मुद्दे को लेकर पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने बालमुकुंद आचार्य पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है ऐसे लोग सदन में पहुंच गए हैं। हमारा दुर्भाग्य है कि ऐसे नमूने सदन में पहुंच गए हैं। जनता ने उनको हिंदू-मुसलमान करने के लिए विधानसभा नहीं भेजा हैं। विधायक कभी महिलाओं के कार्ड चेक करते हैं, कभी बच्चों के पीछे दौड़ते हैं, कभी अपने गनमैन से केले मंगवाते हैं। क्या जनता ने उनको इन सभी कामों के लिए चुना है? डोटासरा ने आगे कहा कि मैंने विधायक की सुरक्षा पर चिंता जताई। भगवान करे कि वो सुरक्षित रहें। मैं डीजीपी से उनकी सुरक्षा की मांग करता हूं।