राजस्थान की वित्त मंत्री दीया कुमारी ने विधानसभा में करीब तीन घंटे लंबा बजट भाषण पढ़कर हर वर्ग के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया है. इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 1800 करोड़ रुपए की लागत से सड़कों और ब्रिज के निर्माण का बड़ा एलान किया गया है. आम जनता ने इस बजट का स्वागत करते हुए इसे विकासोन्मुखी बताया है क्योंकि इसमें बिजली और पानी जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं. इसके अलावा बुजुर्गों की सामाजिक सुरक्षा का ध्यान रखते हुए उनकी पेंशन में भी बढ़ोतरी की घोषणा की गई है जो प्रदेश के लाखों वृद्धजनों के लिए बड़ी राहत साबित होगी.
युवाओं के लिए बंपर नौकरियां और रोजगार के अवसर
बेरोजगार युवाओं के लिए यह बजट उम्मीद की नई किरण लेकर आया है जिसमें बड़े पैमाने पर सरकारी भर्तियों का वादा किया गया है. बजट में 5000 होमगार्ड की भर्ती के साथ-साथ युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए 25 हजार मिनी ई-मित्र केंद्र खोलने की योजना है. परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिए नई टेस्टिंग एजेंसी बनाने और सरकारी कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग की हाईपावर कमेटी गठित करने का भी एलान हुआ है. बढ़ते डिजिटल अपराधों पर लगाम कसने के लिए प्रदेश में राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर खोला जाएगा जो आज के दौर की बड़ी जरूरत है.
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किसानों और पशुपालकों को करोड़ों का अनुदान
खेती-किसानी को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 160 करोड़ रुपए के कृषि यंत्र अनुदान और 36 हजार नए फार्म पॉन्ड बनाने की घोषणा की है जिसका सीधा फायदा 80 हजार से ज्यादा किसानों को मिलेगा. पशुपालकों का उत्साह बढ़ाने के लिए दूध पर बोनस के तौर पर 700 करोड़ रुपए के अनुदान का प्रावधान किया गया है जिससे करीब 5 लाख परिवार लाभान्वित होंगे. बजट में सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया गया है जिसके तहत हाईवे पर होने वाले हादसों में तुरंत इलाज के लिए एंबुलेंस तैनात की जाएंगी. मानसिक स्वास्थ्य के लिए 'राज ममता' नाम से एक नया प्रोग्राम भी शुरू होगा जो आत्महत्या जैसी घटनाओं को रोकने में मदद करेगा.
महिलाओं और शिक्षा क्षेत्र के लिए बड़ी सौगातें
महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए लखपति दीदी योजना और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को डेढ़ लाख रुपए तक का लोन देने का फैसला किया गया है. स्कूली शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए कक्षा 1 से 8वीं तक के 40 लाख छात्रों को फ्री यूनिफॉर्म दी जाएगी जिस पर 250 करोड़ रुपए खर्च होंगे. इसके साथ ही प्रदेश के 2500 से ज्यादा जर्जर स्कूलों की मरम्मत और कायाकल्प के लिए 500 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है. कुल मिलाकर यह बजट राजस्थान के सर्वांगीण विकास का रोडमैप पेश करता है जिसमें समाज के हर तबके की खुशहाली का ध्यान रखा गया है.