NOTA Vote Vasundhara Raje Seat Jhalrapatan Ashok Gehlot Sardarpura
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NOTA Jhalrapatan Sardarpura Seat: राजस्थान के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बड़ी जीत दर्ज की है। बीजेपी को 115 और कांग्रेस को 69 सीटों पर जीत मिली। अन्य पार्टियों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 15 सीटें हासिल कीं।
राजस्थान की कई सीटों पर बीजेपी-कांग्रेस के प्रत्याशियों ने बड़े अंतर से जीत हासिल की, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और सीएम अशोक गहलोत की सीटों पर बड़ी संख्या में लोगों ने नन ऑफ द अबव (NOTA) का इस्तेमाल किया।
झालरापाटन में 3194 लोगों ने इस्तेमाल किया NOTA
नोटा यानी राजे या गहलोत की सीटों पर दोनों दिग्गज नेताओं समेत जनता को कोई भी प्रत्याशी पसंद नहीं आया। बात करें वसुंधरा राजे की झालरापाटन सीट की तो यहां लोगों ने नोटा का बड़ी संख्या में इस्तेमाल किया। झालरापाटन में 3194 नोटा वोट पड़े। इस सीट पर वसुंधरा राजे समेत चार नेता सियासी मैदान में थे। राजे के खिलाफ कांग्रेस प्रत्याशी रामलाल थे। राजे ने उन्हें 53193 वोटों से करारी शिकस्त दी। पूर्व सीएम को यहां से 138831 वोट मिले तो वहीं रामलाल ने 85638 वोट हासिल किए।
सरदारपुरा में 1222 लोगों ने नोटा बटन दबाया
अब बात करते हैं अशोक गहलोत की सरदारपुरा सीट की...इस सीट पर 1222 लोगों ने नोटा बटन दबाया। सरदारपुरा में 10 प्रत्याशी मैदान में थे। सीएम अशोक गहलोत ने यहां से बीजेपी प्रत्याशी डॉ. महेंद्र राठौड़ को हराया। गहलोत ने 96859 वोट हासिल किए। जबकि राठौड़ के खाते में 70463 वोट गए। अशोक गहलोत ने कुल 26396 वोटों से जीत हासिल की।
‘राजस्थान: किस सीट से कौन जीता, यहां देखें’
यानी देखा जाए तो झालरापाटन और अशोक गहलोत की सीटों पर लोगों ने राजे की सीट पर सबसे ज्यादा नोटा का इस्तेमाल किया। राजस्थान में 0.96 प्रतिशत मतदाताओं ने 'नोटा' को चुना है। भारत में नोटा का इस्तेमाल पहली बार सुप्रीम कोर्ट के 2013 में दिए गए एक आदेश के बाद से शुरू हुआ। पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज बनाम भारत सरकार मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि लोगों को मतदान के लिए नोटा का विकल्प उपलब्ध कराया जाए।
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