Jhunjhunu Child Died Firecracker: दिवाली पर बच्चे-बड़े सब पटाखे छोड़कर इस त्योहार को एंजॉय करते हैं, लेकिन कभी-कभी यही पटाखे जानलेवा बन जाते हैं। राजस्थान के झुंझुनूं से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिस सुनकर दिल दहल जाए। यहां एक 13 साल के मासूम की जेब में रखे पटाखे से मौत हो गई। आइए आपको बताते हैं पूरा मामला क्या है…
गंधक-पोटाश में हुआ ब्लास्ट
जानकारी के अनुसार, झुंझुनूं जिले के सूरजगढ़ कस्बे के वार्ड नंबर 14 में रहने वाला 13 साल का हिमांशु बाजार से गंधक-पोटाश खरीदकर लाया था। उसने घर पर ही दोस्त के साथ बम बनाया और सोमवार करीब 2 बजे इसे चला रहा था। तभी हिमांशु के जेब में रखे एक पटाखे में जोरदार ब्लास्ट हुआ। जिससे उसके पैर के चिथड़े उड़ गए। ये देख हिमांशु के परिवारजनों ने उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से उसे जयपुर रेफर कर दिया गया। जहां मंगलवार सुबह उसकी जान चली गई।
घरवालों से छुपकर बनाए थे बम
हिमांशु की मां का कहना है कि दोनों ने घरवालों से छुपकर ये बम बनाए थे। हिमांशु ने कहा था कि जूस और चॉकलेट के लिए 100 रुपये चाहिए, लेकिन हमें क्या पता था कि उसने 50 रुपये का गंधक और 50 रुपये का पोटाश खरीद लिया। जब तक हिमांशु घर लौटा, हम पिलानी चले गए। इसके बाद हिमांशु ने घर आकर गंधक-पोटाश को मिक्सी में पीस लिया। ये देख उसकी बहन ने डांटा, लेकिन वो नहीं माना। वह इस मिक्चर को कांच की बोतल में भरकर पास में ही बने चाचा के मकान की ओर चला गया।
इस तरह हुई दर्दनाक मौत
जहां हिमांशु और उसका दोस्त पटाखे चलाने लगे। हिमांशु ने थोड़ा पाउडर एक थैली में भरकर अपनी जेब में रखा था। जैसे ही एक पटाखे में आग लगी, कांच का एक टुकड़ा और चिंगारी उसकी जांघ को चीर गई। इसके साथ ही इस जिंगारी ने जेब में रखे मिक्चर को भी अपनी जद में ले लिया। इसके बाद जोरदार ब्लास्ट हुआ और हिमांशु बुरी तरह घायल हो गया। बताया जा रहा है कि हिमांशु की तीन बहनों का इकलौता भाई था और उसकी एक बहन की 21 दिन बाद शादी है। दरअसल, सूरजगढ़ में गंधक और पोटाश को खुलेआम अवैध रूप से बेचा जा रहा है। कभी-कभी यह खेतों में जानवरों को भगाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। जिससे धमाके से जानवर भाग जाएं। पुलिस अब कार्रवाई की बात कर रही है।
इस तरह करें बचाव
बाजार में उपलब्ध किसी भी तरह के अवैध विस्फोटक को खरीदना गैरकानूनी है। ऐसे में इसे किसी भी तरह से खरीदने की कोशिश न करें। दिवाली पर बच्चों के पटाखे फोड़ते समय उनके साथ रहें। खुले स्थान पर ही पटाखे फोड़ें। बच्चों को बड़े और तेज धमाके वाले पटाखे न चलाने दें।