Jaipur News: (केजे श्रीवत्सन, जयपुर) राजस्थान की राजधानी जयपुर में शुक्रवार का दिन ब्लैक फ्राईडे रहा। जयपुर-अजमेर हाईवे पर जो हादसा हुआ, उसमें कई लोग बुरी तरह झुलस गए थे। हालत ऐसी थी कि परिजन भी उनको नहीं पहचान पा रहे थे। 15 लोग अभी भी राजस्थान के सबसे बड़े सवाई मानसिंह अस्पताल में 50 फीसदी से ज्यादा झुलसी हुई हालत में इलाज करवा रहे हैं। जिस वार्ड में इनका इलाज चल रहा है, वहां पर वीआईपी मूवमेंट को भी रोक दिया गया है। डॉक्टरों के अनुसार यहां मूवमेंट से इन्फेक्शन का खतरा है।
इस घटना में अब तक 14 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और इनमें से केवल 7 शवों की शिनाख्त हो पाई है। बाकी लोगों के शव इतनी बुरी तरह जल चुके हैं कि उनकी पहचान ही नहीं हो पा रही। ऐसे में पुलिस ने डीएनए टेस्ट को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही पहचान हो सकेगी। हादसा कितना भयंकर था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घटनास्थल से कोई पोटली में आया तो किसी की बिछिया से पहचान हुई?
मुर्दाघर के बाहर अभी परिजन बॉडी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। कोई अपने साथ फोटो लेकर अस्पताल पहुंचा है तो कोई पहचान की और चीज। घटनास्थल से फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स को जो चीजें मिली हैं, उन्हें देखकर भी लोग पहचान की कोशिश में जुटे हुए हैं। कई लोग अभी लापता हैं। सिरोही, उदयपुर, ब्यावर, अजमेर और जोधपुर से जयपुर के लिए निकले लोग आखिरकार कहां गए, इसका जवाब पुलिस के पास भी नहीं है? पूर्व आईएएस करणी सिंह राठौड़ भी लापता हैं। उनकी कार पूरी तरह जली मिली है। हादसे के बाद उनका कोई पता नहीं है।
कहां गए पूर्व आईएएस अधिकारी?
कयास लगाए जा रहे हैं कि यदि वे हादसे में झुलसे हैं तो कहां है? कहीं अस्पताल में भर्ती मरीजों में से तो एक नहीं? परिजन उनकी पहचान नहीं कर सके हैं। राजस्थान पुलिस ने फैसला लिया है कि उनकी बेटियों के सैंपल लेकर डीएनए जांच करवाई जाएगी। गाड़ी के चेसिस नंबर से पता लगा है कि यह करणी सिंह की है। करणी सिंह का खातीपुरा में घर है और अजमेर रोड पर उनका फार्म हाउस। फार्म हाउस से वे शुक्रवार सुबह अपने घर के लिए निकल रहे थे, तभी हादसा हो गया। करणी सिंह श्रीगंगानगर और अजमेर में कलेक्टर के तौर पर चर्चित रहे हैं। राठौड़ अजमेर डिस्कॉम के एमडी और जयपुर नगर परिषद के आयुक्त के तौर पर भी काम कर चुके हैं।