राजस्थान में अपनी ही सरकार से नाराजगी वाला पत्र वायरल होने के बाद बीजेपी विधायक रेवंत राम डांगा ने सीएम भजनलाल से मुलाकात की, और अब उनके सुर बदले हुए नजर आ रहे हैं। दरअसल, रेवंत राम डांगा का एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने सरकार पर उनकी बात नहीं सुने जाने का आरोप लगाते हुए इसे बीजेपी के लिए नुकसानदायक बताया था। इस मुद्दे को लेकर हनुमान बेनीवाल से लेकर कांग्रेस के तमाम बड़े नेताओं ने सरकार पर तंज कसा था, लेकिन अब खुद डांगा डैमेज कंट्रोल में जुटे हुए हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह पत्र नागौर जिले के खींवसर से बीजेपी विधायक रेवंत राम डांगा का है। इस पत्र में उन्होंने अधिकारियों की ट्रांसफर पोस्टिंग को लेकर अपनी ही सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। यह पत्र सीएम भजनलाल शर्मा के नाम लिखा गया था, जिससे यह सवाल उठने लगा कि गोपनीय पत्र आखिर कैसे लीक हुआ? जब सरकार और पार्टी की फजीहत होने लगी, तो रेवंत डांगा ने मंगलवार को सीएम भजनलाल शर्मा से मुलाकात कर पूरे प्रकरण पर सफाई दी।
पत्र को लेकर क्या बोले रेवंत राम डांगा?
सीएम से मिलकर नाराजगी दूर करने के बाद उन्होंने खुद ही मीडिया के लिए एक बयान रिकॉर्ड किया, जिसमें वे डैमेज कंट्रोल करते नजर आए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से कुछ कर्मचारी पदों पर जमे हुए थे और जनता के काम नहीं कर रहे थे। उपचुनाव में जीतने के बाद मैंने सीएम साहब को एक पत्र लिखकर इस स्थिति से अवगत कराया। राजस्थान में कई तबादले हुए, लेकिन खींवसर में उपचुनाव के चलते तबादले नहीं हुए थे। मेरे पत्र के बाद कई लोगों को हटाया गया और कुछ नई नियुक्तियां की गईं। भजनलाल सरकार के अच्छे कामकाज का ही नतीजा था कि खींवसर की जनता ने बीजेपी को जिताया।
कांग्रेस नेता गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि यह समझना चाहिए कि जब मुख्यमंत्री की ही प्रदेश में नहीं चल रही है, तो एक साधारण विधायक की क्या चलेगी? उन्हें तो उम्मीद ही नहीं करनी चाहिए। सदन में पांच दिन से गतिरोध जारी था, लेकिन सदन का नेता घर पर सोता रहा। हमने सरकार की जवाबदेही तय करके मंत्रियों से जवाब देने के लिए आगे बढ़कर गतिरोध खत्म किया। एक कैबिनेट मंत्री डीजीपी के घर जाकर अपनी ही सरकार के मुख्यमंत्री से किए गए वादों को पूरा करने की मांग कर रहे हैं।
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वहीं, नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल का कहना है कि उन्हें इस पत्र की जानकारी नहीं है और यह बीजेपी का आंतरिक मामला है। सरकार को ही इस पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा, “रेवंत राम डांगा मेरा ही आदमी था, मैंने ही उसे कामयाब किया था, लेकिन उसने मुझे ही धोखा दे दिया। वह जहां भी रहेगा, ऐसी ही हरकत करेगा।”
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