Rajasthan BJP CM Candidate: राजस्थान में नए सीएम को लेकर दिल्ली से लेकर जयपुर तक गहमागहमी है। इस बीच भाजपा के 30 से ज्यादा नवनिर्वाचित विधायक अलग-अलग समय में वसुंधरा राजे से मिलने पहुंचे। ये विधायक जयपुर स्थित राजे के आवास पर पहुंचे। बता दें कि 25 नवंबर को हुए मतदान का परिणाम 3 दिसंबर को जारी हुए थे। परिणामों में भाजपा को 115 सीटें हासिल हुई वहीं कांग्रेस 69 सीटों पर सिमट गई। फिलहाल दिल्ली में राज्य इकाई के नेताओं और भाजपा आलाकमान के बीच बैठकों का दौर जारी है।
ऐसे में राजे के 30 नवनिर्वाचित विधायकों से मुलाकात को शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। ऐसा राजे पहले भी करती आई है। ताकि वह आलाकमान को किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले यह सचेत कर दे कि उनको नजरअंदाज पार्टी के लिए आसान नहीं है। मुलाकात कर बाहर निकले कई विधायकों ने कहा कि राज्य में राजे को एक बार फिर नेतृत्व संभालना चाहिए। वहीं कई विधायकों ने इसे एक शिष्टाचार मुलाकात करार दिया।
ये विधायक पहुंचे मिलने
राजे के आवास पर पहुंचने वाले विधायकों में कालीचरण सर्राफ, बाबू सिंह राठौड़, रामस्वरूप लांबा, गोविंद रानीपुरिया, कालूलाल मीणा, केके विश्नोई, प्रताप सिंघवी, गोपीचंद मीणा, शंकर सिंह रावत, मंजू बाघमार, पुष्पेंद्र सिंह, शत्रुघ्न गौतम, प्रेम चंद बैरवा समेत दो दर्जन से अधिक विधायकों ने मुलाकात की। राजे समर्थकों की मानें तो कुल 47 विधायक अब तक परिणाम आने के बाद राजे से मिलने पहुंच चुके हैं। वहीं दावा किया जा रहा है मुलाकात का यह सिलसिला आज भी जारी रहेगा।
वसुंधरा को नजर अंदाज करने पर ये हो सकता है
बता दें कि राज्य में नए सीएम को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। अब तक बाबा बालकनाथ, दीया कुमारी, ओम माथुर, ओम बिड़ला समेत दर्जनभर नेताओं के नाम सीएम पद की रेस में हैं। गौरतलब है कि वसुंधरा राजे 2003 से लेकर अब तक 2 बार प्रदेश की सीएम रह चुकी है। इस बार पार्टी ने चुनाव से पहले सीएम पद को लेकर कोई ऐलान नहीं किया था। हालांकि वसुंधरा चुनाव के पहले से लेकर अब तक हाईकमान से हरी झंडी मिलने का इंतजार कर रही है।
चुनाव से पहले और बाद वह कई बार केंद्रीय नेताओं से चर्चा कर चुकी हैं, लेकिन हर बार नतीजा सिफर रहा। हालांकि अब वसुंधरा ने अपनी आखिरी चाल चल दी है। चुनाव में जीतकर आए अपने समर्थक विधायकों से चर्चा कर एक तरह से उन्होंने शक्ति प्रदर्शन किया। इसका मतलब यही है कि अगर पार्टी किसी और नाम को आगे करती है तो ये सभी विधायक बहुमत परीक्षण के दौरान अनुपस्थित रहकर या विरोध में मतदान कर हाईकमान की किरकिरी करा सकते हैं।