राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने आज पूर्व बीजेपी नेता ज्ञानदेव आहूजा के बयान को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उसकी तो हम सब ने निंदा की है यह तो मानवता पर कलंक है। मैं बार-बार कहता हूं की छुआछूत अपने आप के अंदर मानवता पर कलंक है। 21वीं शताब्दी में आरएसएस संगठन जो अपने आप को सांस्कृतिक संगठन कहता है वह क्यों नहीं आगे आकर यह कहता है कि हम एक अभियान चलाएंगे। हम बीजेपी की विचारधारा से तंग है और हम छुआछूत को समाप्त करके रहेंगे।
संघ पर साधा निशाना
आरएसएस के मोहन भागवत जी आगे आगे क्यों नहीं कह रहे हैं अगर वे मानते हैं कि दलित, ट्राइबल के लोग भी हिंदू है आदिवासी भी हिंदू है सबको हिंदू मानते हैं तो हिंदुओं के साथ आपस में जो छुआछूत हो रही है उसकी जिम्मेदारी किसकी बनती है? वैसे तो पूरे समाज की जिम्मेदारी है लेकिन आरएसएस क्योंकि आज सरकार बीजेपी की है जिसे वह सपोर्ट करती है इससे अच्छा मौका कब आएगा? आरएसएस सब काम छोड़कर देश को आवाहन करें कि हम चाहेंगे कि हिंदू आपस में छुआछूत की भावना नहीं रखे।
ईआरसीपी पर जनता को बेवकूफ बना रहे
वसुंधरा राजे जो है, दो बार मुख्यमंत्री रही हैं उन्होंने पूरी स्टडी की है। जहां तक मैं मानता हूं, ईआरसीपी या पीकेसी जिसको नया नाम दिया है रामसेतु यह सब बकवास है वह खुद ही कह रहे हैं कि 9 साल तक तो कुछ होने वाला ही नहीं है। फिर जनता को क्यों बेवकूफ बना रहे हैं? वसुंधरा राजे को पता है कि पीकेसी का नया एमओयू हुआ है उसमें कोई दम नहीं है। मेरी वसुंधरा जी से शिकायत यह है कि वह दो बार मुख्यमंत्री रही है तो वह खाली झालावाड़ की बात कर रही है यह गलत है।
तहव्वुर राणा पर दिया ये बयान
वहीं तहव्वुर राणा के बयान को लेकर कहा कि जिस आदमी ने इतना बड़ा क्राइम किया है उसे कोई भूल सकता है क्या ? उसने इतनी हत्याएं की। जितने भी भगोड़े हैं चाहे आर्थिक भगोड़े हैं या फिर यह ऐसे आतंकवादी हो इन सबको भारत सरकार को टारगेट बनाना चाहिए। अगर टारगेट बनेगा तो सब आ जाएंगे। अगर इच्छा शक्ति होगी तो सब आ जाएंगे।