पंजाब की सियासत में हलचल तेज हो गई है. कांग्रेस पार्टी ने आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार को उसके ही सबसे मजबूत गढ़ में घेरने का पूरा खाका तैयार कर लिया है. पंजाब कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट ने चंडीगढ़ में पार्टी नेताओं के साथ अहम बैठक के बाद ऐलान किया कि 4 नवंबर को राहुल गांधी संगरूर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे. पायलट ने दो-टूक कहा कि संगरूर सत्ताधारी दल की ‘राजधानी’ जैसा है और राहुल गांधी के दौरे के दिन पूरे प्रदेश के सामने वहां की जमीनी हकीकत खुलकर सामने आ जाएगी.
पंचायत से लेकर प्रदेश स्तर तक रणनीति तैयार
चंडीगढ़ में आयोजित बैठक में कांग्रेस के सभी प्रमुख चेहरे सांसद, पूर्व मंत्री, वर्किंग कमेटी के सदस्य और वरिष्ठ नेता शामिल हुए. सचिन पायलट ने बताया कि खुले और सकारात्मक माहौल में आने वाले समय के लिए ठोस रणनीति बनाई गई है. पार्टी आने वाले हफ्तों में पंचायत, ब्लॉक, मंडल, जिला और राज्य स्तर तक संगठन को पूरी तरह सक्रिय करने जा रही है. विभिन्न कमेटियों के अध्यक्षों से भी सीधा संवाद साधा गया है ताकि जमीन पर कार्यकर्ता एकजुट होकर काम कर सकें.
‘बदलाव तय है, केवल कांग्रेस कर रही जवाबदेही तय’
पायलट ने भगवंत मान सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में बदलाव अब तय है. उन्होंने दावा किया कि विधानसभा के अंदर और सड़क पर बाहर-अगर कोई दल मजबूती से आम आदमी पार्टी की पोल खोल रहा है और उसकी जवाबदेही तय कर रहा है, तो वह केवल कांग्रेस है. राहुल गांधी की 4 नवंबर की रैली को लेकर पूरी पार्टी पूरी ताकत से तैयारियों में जुट चुकी है.
एक गाड़ी में पूरी लीडरशिप, दिखाया एकजुटता का दम
अक्सर गुटबाजी के आरोपों से घिरी रहने वाली पंजाब कांग्रेस की एकता साबित करने के लिए पायलट ने एक दिलचस्प वाकया भी साझा किया. उन्होंने बताया, “आज हमारी एकजुटता की मिसाल देखिए-हम सभी बाजवा जी के घर दोपहर के भोजन पर थे. गाड़ी मैं चला रहा था, सामने केसी वेणुगोपाल जी बैठे थे. गाड़ी परगट सिंह जी की थी और साथ में राजा वड़िंग जी व चरणजीत सिंह चन्नी जी भी मौजूद थे.” पायलट ने कहा कि पूरी कांग्रेस टीम अब पंजाब को बचाने के लिए पूरी मजबूती और एकजुटता के साथ मैदान में उतर चुकी है.