पंजाब पुलिस की एजीटीएफ टीम मोल्दोवा से प्रत्यर्पित आरोपी अमृतपाल सिंह को भारत लेकर पहुंची. (Image- @DGPPunjabPolice/X)
पंजाब पुलिस केंद्रीय एजेंसियों की मदद से पूर्वी यूरोप के मोल्दोवा गणराज्य से जग्गू भगवानपुरिया गिरोह के एक प्रमुख सदस्य को प्रत्यर्पित कराकर भारत लेकर आई है. यह पहली बार है कि जब पंजाब पुलिस ने यूरोप के किसी देश से किसी आरोपी को प्रत्यर्पित कराया है. पंजाब पुलिस के एक बड़े अधिकारी ने शनिवार को इसकी जानकारी दी है.
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मोस्ट वांटेड था आरोपी
पंजाब पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने जानकारी दी कि अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत दलम हत्या के प्रयास, गैरकानूनी गतिविधियां अधिनियम (यूएपीए), आयुध अधिनियम और नशीली चीजों से जुड़े कई मामलों में वांछित था. पंजाब पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि यह पहली बार है कि पंजाब पुलिस ने किसी यूरोपीय देश से प्रत्यर्पण कराया है. उन्होंने कहा कि हमारे लिए संगठित एवं गंभीर अपराध के खिलाफ हमारी लड़ाई में यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण उपलब्धि है.
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First-ever extradition from Europe secured by Punjab Police
In a major breakthrough against transnational organised crime, Punjab Police with the assistance of central agencies has secured the extradition of fugitive criminal Amritpal Singh @ Amrit Dalam, a key operative of the… pic.twitter.com/Sr8rhVv1Xv
गौरव यादव ने बताया कि ‘ऑपरेशन ईस्टर्न रीच’ के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छह महीने से अमृतपाल की तलाश जारी थी. उन्होंने बताया कि यह अभियान पंजाब पुलिस के गैंगस्टर रोधी कार्यबल (एजीटीएफ) और विदेश भागे भगोड़ों का पता लगाने एवं उनके प्रत्यर्पण संबंधी प्रकोष्ठ (ओएफटीईसी) ने केंद्रीय एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर तालमेल और तालमेल से चलाया. गौरव यादव ने कहा कि मैं पंजाब के गैंगस्टर रोधी कार्यबल (एजीटीएफ) और ओएफटीईसी की साहस और लगातार कोशिशों की सराहना करता हूं.
केंद्रीय गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने की मदद
गौरव यादव ने बताया कि उन्होंने मोल्दोवा और अजरबैजान के अधिकारियों, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग इकाई (आईपीसीयू), केंद्रीय गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय की मदद की सराहना की और सभी को धन्यवाद भी दिया. पंजाब पुलिस ने पुलिस महानिरीक्षक आशीष चौधरी की अगुवाई में ओएफटीईसी का गठन किया था, जिससे विदेश में रह रहे गैंगस्टरों के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके.