पंजाब में भारत-पाक सीमा पर निगरानी करेगी एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी, जानें क्या है प्रोजेक्ट

Anti Drone Technology: दो दिन के दौरे पर निकले राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने अलग-अलग गांवों का दौरा कर नशे व ड्रोन के मुद्दे पर लोगों से की साथ देने की अपील की। नशे व हथियारों की सप्लाई और ड्रोन की बढ़ रही मूवमेंट पर गहरी चिंता व्यक्ति की।

Anti Drone Technology in punjab border

Anti Drone Technology in punjab border

Anti Drone Technology: पंजाब की भगवंत मान सरकार प्रदेश के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। सीएम भगवंत मान का मानना है कि पंजाब के विकास के साथ-साथ प्रदेश की सुरक्षा करना भी बहुत जरूरी है। इसी के तहत मान सरकार के नेतृत्व में पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने सीमा क्षेत्र की ग्राम स्तरीय रक्षा समितियों के सदस्यों को संबोधित करते हुए घोषणा की कि एक वर्ष के भीतर पूरे भारत-पाक सीमा पर एंटी ड्रोन टेक्नोलॉजी स्थापित कर दी जाएगी, जिससे ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से आने वाले नशीले पदार्थों और हथियारों पर रोक लगेगी।

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बनवारी लाल प्रोहित ने गांव धनोय में तथा बाद में गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के हॉल में अमृतसर तथा तरनतारन के वीएलडीसी सदस्यों से मुलाकात करते हुए केंद्र तथा पंजाब सुरक्षा एजेंसियों द्वारा नशे के विरुद्ध अपनाई गई आक्रामक नीति की प्रशंसा की तथा कहा कि सिविल, पुलिस तथा केंद्रीय एजेंसियां ​​मिलकर काम कर रही हैं, इसलिए अच्छे परिणाम सामने आने लगे हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि भारत-पाक सीमा के साथ लगते छह जिलों में अच्छा काम करने वाली कमेटियों को नकद पुरस्कार दिए जाएंगे, जिसमें पहला पुरस्कार 3 लाख रुपये, दूसरा पुरस्कार 2 लाख रुपये तथा तीसरा पुरस्कार 1 लाख रुपये होगा।

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नशे के खात्मे के लिए प्रदेश भर में गठन किया जाए

उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में नशे के खात्मे के लिए हर जिले में गांव स्तर पर रक्षा समितियां बनाई जाएं तथा हर साल जिला स्तरीय बैठक बुलाई जाए। उन्होंने नशे के कोर्ट में चल रहे मामलों को निपटाने के लिए वकीलों का विशेष पैनल बनाने तथा सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी व्यक्ति की संपत्ति तुरंत जब्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशा तस्करों को किसी भी तरह से दया नहीं आएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि वीएलडीसी सदस्यों को जरूरतानुसार आर्मस लाइसेंस जारी किए जाएं तथा इसके अलावा पुलिस और नागरिक प्रशासन में उन्हें सम्मान दिया जाए ताकि लोग आगे आकर इन तस्करों के खिलाफ काम करें। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सीमा क्षेत्र के पुलिस थानों को सुदृढ़ किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पास भारत से सीधे लड़ने की क्षमता नहीं है, इसलिए यह नशा तस्करी उसके द्वारा छेड़ी जा रही जंग है। उन्होंने सीमा पर बसे गांवों के लोगों की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए कहा कि दुश्मन को हराने में आपका सहयोग हमेशा कारगर साबित हुआ है और आज भी नशाखोरी रोकने के लिए पुलिस को आपकी मदद की जरूरत है। उन्होंने सीमा क्षेत्र के लोगों को भरोसा दिलाया कि नशे के खिलाफ छेड़ी गई इस मुहिम में वे आपका साथ देने आते रहेंगे बशर्ते आप इस तस्करी के खिलाफ डटे रहें।

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डीजीपी गौरव यादव ने की घोषणा

इस अवसर पर डीजीपी गौरव यादव ने घोषणा की कि सीमा पार से आने वाले ड्रोन को पकड़ने में पुलिस की मदद करने वाले को एक लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों लोगों ने जो भी ड्रोन बेचे हैं, उन्हें भी इनाम दिया जाएगा और भविष्य में भी यह इनाम दिया जाएगा। उन्होंने सीमा क्षेत्र के तीन गांवों धनोय, मोडो के और अटलगढ़ के युवा क्लबों को साढ़े तीन लाख रुपए का अनुदान भी दिया।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव अनुराग वर्मा, डीजीपी गौरव यादव, अतिरिक्त प्रमुख सचिव के शिव प्रसाद, कुलपति डॉ. जसपाल सिंह संधू, प्रशासनिक सचिव श्री कमल किशोर यादव, पुलिस कमिश्नर रणजीत सिंह, डीआईजी राकेश कौशल, डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी, जिला पुलिस प्रमुख सतिंदर सिंह, डिप्टी कमिश्नर तरनतारन संदीप कुमार और जिला पुलिस प्रमुख अश्वनी कपूर सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

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