पंजाब के वित्त मंत्री ने की GST मुआवजा उपकर व्यवस्था को बढ़ाने की सिफारिश; जानिए क्या बोले हरपाल सिंह चीमा?

Punjab Finance Minister Harpal Singh Cheema: पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने सोमवार को हुए GOM में GST मुआवजा उपकर व्यवस्था को बढ़ाने की सिफारिश की।

Punjab Finance Minister Harpal Singh Cheema (2)

Punjab Finance Minister Harpal Singh Cheema: पंजाब की भगवंत मान सरकार प्रदेश के विकास के लिए हरसंभव कमद उठा रहे हैं। इसके अलावा राज्य सरकार प्रदेश के लोगों की सुविधाओं का भी ध्यान रख रही है। इसी के तहत प्रदेश के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने सोमवार को GST मुआवजा उपकर व्यवस्था को 31 मार्च, 2026 से आगे भी जारी रखने की सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि इस दौरान वित्त विभाग राज्य के अगल- अलग टैक्स को जीएसटी में शामिल करने से होने वाले राजस्व घाटे की कमी को सुनिश्चित करेगी। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने यह सिफारिश मंत्रियों के समूह (GOM) की बैठक के दौरान की है।

विज्ञापन

पंजाब वित्त मंत्री की सिफारिश

इस बैठक में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए। वित्त मंत्री चीमा ने जोर देते हुए कहा कि GST मुआवजा अधिनियम 2017 के अनुसार जीएसटी परिषद को मुआवजे की अवधि को 5 साल से आगे बढ़ाने की सिफारिश करने का अधिकार है। इस दौरान उन्होंने खाद्यान्नों पर खरीद टैक्स को जीएसटी में शामिल करने से पंजाब के राजस्व को होने वाले नुकसान पर प्रकाश डाला। वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि जीएसटी से पहले यह टैक्स राज्य के राजस्व में खास योगदान देता था।

विज्ञापन

पंजाब के राजस्व को नुकसान

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आगे बताया कि VAT व्यवस्था के तहत वस्तुओं पर टैक्स की दर GST के तहत लागू दर से काफी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि इस विसंगति के कारण राज्य को काफी राजस्व हानि हुई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन वित्तीय चुनौतियों से निपटने और पंजाब जैसे राज्यों की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए जीएसटी मुआवजा उपकर व्यवस्था को जारी रखना आवश्यक है।

विज्ञापन
Tags:

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ