अमित पांडेय, चंडीगढ़: पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी और कराधान मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने गुरुवार को बताया कि पंजाब के आबकारी विभाग ने वित्तीय वर्ष 2021-2022 के मुकाबले वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान राजस्व में ऐतिहासिक 2587 करोड़ रुपए (41.41 फीसद) का बढ़ोतरी दर्ज की है। उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान 6254.74 करोड़ रुपए के वित्तीय वर्ष 2022-2023 के दौरान शराब की बिक्री से 8841.4 करोड़ रुपए का राजस्व एकत्रित किया।
पंजाब भवन में प्रैस कान्फ़्रेंस को संबोधन करते हुये वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 41.41 प्रतिशत की रिकार्ड विकास दर नई आबकारी नीति को समर्पित की। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान राज्य में आबकारी वसूली में राजस्व का बहुत कम बढ़ोतरी दर्ज किया गया था और कई बार राज्य में आबकारी वसूली में नकारात्मक कमी भी देखी गयी।
आंकड़े जारी करते हुए बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2022- 23 के दौरान पिछले वर्ष के मुकाबले 6254.74 करोड़ रुपए की वसूली के साथ -1.2 प्रतिशत की नकारात्मक बढ़ोतरी दर रिकार्ड की गई थी। वर्ष 2020- 21 में पिछले वर्षों के मुकाबले 6335 करोड़ के आंकड़े के साथ 23.7 फीसद का बढ़ोतरी हुआ है। परन्तु 2019- 20 में 5117 करोड़ रुपए की वसूली के साथ -0.7 फीसद का नकारात्मक बढ़ोतरी दर्ज किया गया था, 2018-19 में 5155.86 करोड़ की संग्रह के साथ .33 प्रतिशत बढ़ोतरी हुआ था।
इसी तरह 2017-18 में 5139 करोड़ की वसूली के साथ 16.6 प्रतिशत बढ़ोतरी और 2016-17 में पिछले वर्षों के सम्बन्ध में 4406 करोड़ की वसूली के साथ फिर नकारात्मक -8.15 प्रतिशत बढ़ोतरी देखा गया था।
इस सम्बन्धी और जानकारी देते हुये एडवोकेट चीमा ने बताया कि आबकारी विभाग ने वर्ष 2023-24 के लिए रिटेल शराब के ठेके की अलाटमैंट भी सफलतापूर्वक मुकम्मल कर लिया है। वित्त मंत्री ने कहा कि 171 आबकारी समूहों की अलाटमैंट सम्बन्धी प्रक्रिया 11 मार्च, 2023 को आरंभ की गई थी जोकि 31 मार्च, 2023 को सफलतापूर्वक मुकम्मल हो गई है।
उन्होंने कहा कि विभाग ने 7989 करोड़ रुपए की डिसकवरड लायसेंस फीस के निर्धारित लक्ष्य को पार कर लिया है और वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 8007.45 करोड़ रुपए की डिसकवरड लायसेंस फीस की रकम प्राप्त कर ली है। उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग ने वर्ष 2023- 24 के लिए कुल 9754 करोड़ रुपए का राजस्व इकट्ठा करने का लक्ष्य रखा गया है परन्तु उनको भरोसा है कि विभाग 2023- 24 के लिए कुल 10,000 करोड़ का आंकड़ा आसानी से पार कर लेगा।
प्रवर्तन गतिविधियों सम्बन्धी मीडिया की तरफ से पूछे गए सवाल के जवाब में वित्त मंत्री ने कहा कि आबकारी विभाग की तरफ से प्रौद्यौगिकी का प्रयोग और सिवल और पुलिस अधिकारियों के सुयोग्य तालमेल के साथ एक प्रभावशाली प्रवर्तन मुहिम लगातार कार्यशील है।
उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल, 2022 से 8 फरवरी, 2023 तक विभाग की तरफ से कुल 6317 एफ. आई. आरज़. दर्ज की गई हैं, 6114 गिरफ़्तारियां की गई हैं, 1,48,693 लीटर अवैध शराब ज़ब्त की गई, 5,06,607 लीटर लाहन बरामद करके नष्ट की गयी, 1,74,468 लीटर पी. एम. एल./आई. एम.एफ.एल./बीयर/स्पिरिट ज़ब्त की गयी, 71476 लीटर ई. एन. ए. बरामद की गयी, 308 वर्किंग स्टिल्लस (भट्टियों) का पता लगा कर नष्ट किया गया और शराब की तस्करी करने वाले 592 वाहन ज़ब्त किये गए।
उन्होंने कहा कि दूर-दराज के दुर्गम इलाकों, जहाँ अवैध शराब निकाली जाती है, की पुख़्ता निशानदेही के लिए ड्रोन प्रौद्यौगिकी भी प्रयोग किया जा रहा है। इसके इलावा ज़ब्त की शराब की डिग्री मापने हेतु हैंड-हैल्थ मॉनिटरों का प्रयोग भी किया जा रहा है
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उन्होंने आगे कहा कि निर्माता से थोक और परचून विक्रेता तक शराब की आवाजाही को ट्रैक और ट्रेस करने के लिए एक ट्रैक एंड ट्रेस प्रोग्राम लागू किया गया है। इससे विभाग के अधिकारी परचून स्तर तक लायसेंसधारकों की शराब और स्टाक वस्तुओं की आवाजाही पर नज़र रखने के योग्य हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि ट्रैक एंड ट्रेस प्रोजैक्ट के अंतर्गत, पंजाब राज्य में आबकारी क्यू. आर कोड लेबल वैरीफिकेशन सिटिजन एप भी लांच की गई है जिससे यह यकीनी बनाया जा सके कि पंजाब राज्य में कोई भी नकली/ नोन्-ड्यूटी भुगतान वाली शराब की बिक्री न हो सके। यह मोबाइल एप सभी एंड्रोईड फोनों के साथ-साथ आईओऐस द्वारा संचालित मोबाइल फोनों में काम करता है।
डिस्टिलरियों की चैकिंग सम्बन्धी पूछे सवाल के जवाब में स. चीमा ने कहा कि यूनिटों में शराब के उत्पादन पर नज़र रखने के लिए मास फलो मीटर लगाए गए हैं। डिस्टिलरियों से शराब के उत्पादन और प्रवाह पर नज़र रखने के लिए आबकारी भवन में सूचना प्रौद्यौगिकी का मज़बूत बुनियादी ढांचा और ऑनलाईन रिमोट निगरानी प्रणाली स्थापित की गई है। वित्त मंत्री ने आगे कहा कि नयी आबकारी नीति व्यापक निगरानी और नये तकनीकी उपायों की मदद के साथ पड़ोसी राज्यों से शराब की तस्करी पर सख़्त रोक लगाने पर भी केंद्रित है।
वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने शराब माफिये को जड़ से उखाड़ने के साथ-साथ राज्य के आबकारी राजस्व में बढ़ोतरी करने के लिए कई प्रयास किये हैं जिससे लोगों के साथ किये सभी वादों को पूरा किया जा सके। इस अवसर पर अन्यों के इलावा विकास प्रताप, वित्त कमिश्नर (कराधान) और वरुण रूज़म, कमिश्नर आबकारी भी उपस्थित थे।
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