पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले आम आदमी पार्टी को बहुत बड़ा झटका लगा है. बीते दिन पंजाब चुनाव के लिए 40 उम्मीदवारों की सूची पार्टी ने जारी की थी और आज 2 विधायकों ने पार्टी छोड़ दी. दोनों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. जी हां, सनौर विधानसभा से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना विधानसभा से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने इस्तीफा आम आदमी पार्टी छोड़ दी है. अटकलें लगाई जा रही हैं कि दोनों विधायक भाजपा जॉइन कर सकते हैं.
हालांकि दोनों के इस्तीफा देने की वजह सामने नहीं आई है, लेकिन इस्तीफों के बाद पंजाब की सियासत गरमा गई है. वहीं इन इस्तीफों का असर चुनाव में आप की स्थिति पर पड़ सकता है. हरमीत सिंह पठानमाजरा पिछले काफी समय से पार्टी नेतृत्व और भगवंत मान सरकार के खिलाफ तल्ख तेवर अपनाए हुए थे. वहीं पार्टी में चल रहे विवाद के बीच उन्होंने पार्टी छोड़ने और इस्तीफा देने का फैसला किया. चेतन सिंह जोड़ामाजरा ने अपनी पोस्ट में लिखा कि मैं चेतन सिंह जोड़ामाजरा आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देता हूं.
सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस्तीफे
बता दें कि हरमीत सिंह पठानमाजरा का इस्तीफा पार्टी के लेटर हेड पर है, जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल भी हो रहा है. जौड़ामाजरा के इस्तीफे वाली पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुई है. बता दें कि जौड़ामाजरा की नाराजगी उस समय खुलकर सामने आई थी, जब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पूर्व अकाली मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा को पार्टी जॉइन कराई और समाना का हलका इंचार्ज घोषित कर दिया. वहीं पठानमाजरा और सरकार के बीच टकराव सितंबर 2025 में शुरू हुआ था, जब उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में बाढ़ और नदी-नालों की सफाई को लेकर सरकार पर सवाल उठाए थे. इसके बाद उनकी सुरक्षा वापस ले ली गई थी और उनके हलके में पुलिस अधिकारियों के तबादले भी कर दिए गए थे.
पठानमाजरा के खिलाफ चल रही कार्रवाई
हरमीत सिंह पठानमाजरा के खिलाफ एक महिला ने शिकायत दी थी, जिसके आधार पर उनके खिलाफ दुष्कर्म, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी देने का केस दर्ज हुआ था. पुलिस न कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया था. फिर पटियाला की अदालत ने दिसंबर 2025 में उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया था. पठानमाजरा ने पुलिस केस और कार्रवाई को राजनीतिक बदला और साजिश करार देकर सरकार और पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधा था. अब इस्तीफा देकर उन्होंने पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले आम आदमी पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं.