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क्या होते हैं डेटोनेटर? मुंबई के पास स्टेशन पर मिले 50 से ज्यादा, आतंकी हमले की साजिश तो नहीं

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What is Detonators in Hindi: मुंबई के पास ठाणे जिले के कल्याण रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर दो बक्सों में 50 से ज्यादा डेटोनेटर मिलने से हड़कंप मच गया। इन डेटोनेटर्स के मिलने के बाद डॉग स्क्वाड, बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (BDDS), पुलिस और रेलवे पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद इन्हें अपने कब्जे में ले लिया गया। पुलिस ने अब इस मामले की जांच शुरू कर दी है। मुंबई के पास इन डेटोनेटर्स के मिलने के बाद एक बार फिर कई सवाल खड़े हो गए हैं। क्या मुंबई में आतंकी हमले की साजिश रची जा रही है, इन डेटोनेटर्स के पीछे किसी का क्या इरादा है? आइए जानते हैं कि डेटोनेटर क्या होते हैं और इसके मिलने से जांच एजेंसियों के होश क्यों उड़े हैं।

क्या होते हैं डेटोनेटर? 

डेटोनेटर को ब्लास्टिंग कैप के नाम से भी जाना जाता है। इस डिवाइस का इस्तेमाल खनन और विस्फोट के लिए किया जाता है। डेटोनेटर
बम को एक्टिव करने में भी काम में लिया जाता है। डेटोनेटर के इस्तेमाल से बम की विस्फोटक क्षमता कई गुना बढ़ जाती है। इसका इस्तेमाल इम्प्रोवाइज एक्सप्लोजिव डिवाइसेस (IED) में किया जाता है।

डेटोनेटर का इस्तेमाल रेलवे में भी किया जाता है। इसका यूज खराब ट्रैक का पता लगाने में किया जाता है। साथ ही डेटोनेटर का उपयोग ठाणे जिले की झीलों में अवैध रूप से मछली पकड़ने और खदानों में विस्फोट कार्य करने के लिए किया जाता है।

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पुलिस और जांच एजेंसियों ने शुरू की पड़ताल

जानकारी के अनुसार, जीआरपी ने मध्य रेलवे (CR) मार्ग पर भीड़भाड़ वाले स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर डेटोनेटर्स के बक्सों को देखा, जिसके बाद तुरंत एक डॉग स्क्वाड और बीडीडीएस के कर्मियों को बुलाया गया। टीम ने बक्सों को अपने कब्जे में ले लिया और खोलने पर उनके अंदर 54 डेटोनेटर मिले। पुलिस और जांच एजेंसियों ने इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

सीसीटीवी देख रही है पुलिस 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस यह पता लगा रही है कि डेटोनेटर रेलवे स्टेशन के पास कहां से पहुंचे। क्या कोई इसे भूल गया या किसी ने जानबूझकर इसे यहां छोड़ा। पुलिस अब इस मामले में कल्याण रेलवे स्टेशन के पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।

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