हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

शरद पवार को क्यों चाहिए अजित गुट का साथ? कहीं राजनीति में 'खेला' न कर दे मुंबई चुनाव का दांव

Maharashtra Politics News: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर ‘चाणक्य’ शरद पवार (Sharad Pawar) के दांव ने सबको चौंका दिया है. पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम चुनावों के लिए दोनों एनसीपी (NCP) गुटों ने हाथ मिलाया है. अब अजित पवार के ताजा खुलासे ने सनसनी मचा दी है.

विज्ञापन

Maharashtra Politics News: आगामी बीएमसी चुनाव 2026 से ठीक पहले शरद पवार और उनके भतीजे अजित पवार (Ajit Pawar) के बीच बढ़ती नजदीकियां और ‘विलय’ (Merger) की खबरों ने महायुति और महाविकास अघाड़ी (MVA) दोनों में हलचल मचा दी है. जानकार कहते हैं कि यह केवल चुनावी गठबंधन नहीं, बल्कि 2029 के विधानसभा चुनाव से पहले पवार परिवार को फिर एकजुट करने की एक बड़ी पटकथा है. इसी बीच अजित पवार ने टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने कहा कि BMC में शरद पवार के विधायक उनके विधायकों और जमीनी कार्यकर्ताओं का समर्थन चाहते हैं.

चाचा-भतीजे में कैसे बढ़ीं नजदीकियां?

पुणे में शरद पवार गुट से सुप्रिया सुले और अजित पवार ने एक ही मंच से साझा घोषणापत्र जारी कर दिया है, जो भविष्य में एक होने का बड़ा संकेत है. शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने भी अजित पवार को ‘घर वापसी’ की नसीहत दी है, जिससे कयासों को और बल मिला है. हालांकि अजित पवार फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति में हैं, लेकिन बीजेपी नेताओं पर उनके हालिया तीखे हमले कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं.

यह भी पढ़ें: BEST में महिलाओं को 50% छूट, 5 लाख का ब्याज फ्री लोन, महायुति के घोषणापत्र में क्या-क्या बड़े ऐलान

विज्ञापन

शरद पवार के इस पैंतरे के मायने समझें

अजित पवार बीजेपी के साथ गठबंधन (Mahayuti) में हैं, लेकिन बीएमसी चुनाव में सीटों को लेकर उनके बीच तनाव बढ़ रहा है. शरद पवार इसी मौके का फायदा उठाकर अजित को वापस ‘घर’ लाने की कोशिश में हैं. शरद पवार जानते हैं कि अगर दोनों गुट अलग लड़े तो एनसीपी का पारंपरिक वोट बंट जाएगा, जिसका सीधा फायदा बीजेपी को होगा. चुनाव चिन्ह ‘घड़ी’ अजित पवार के पास है. शरद पवार चाहते हैं कि बीएमसी जैसे बड़े चुनाव में पार्टी का ब्रांड ‘पवार’ कमजोर न पड़े. हालांकि अजित पवार ने स्पष्ट किया है कि शरद पवार गुट के साथ उनकी कोई अनऑफिशियल बातचीत नहीं चल रही.

यह भी पढ़ें: ‘ये बर्दाश्त नहीं होगा…’, कांग्रेस-AIMIM के साथ गठबंधन करने पर BJP नेताओं पर भड़के CM फडणवीस

विज्ञापन

करीब 40 विधायकों के साथ अलग हुए थे अजित

शिवसेना में बंटवारे के बाद जब एनसीपी में बगावत हुई तो करीब 40 विधायकों के साथ अजित पवार अलग हुए और महायुति के साथ मिलकर अलग-अलग लोकसभा और विधानसभा चुनाव में उतरे. पुणे और पिंपरी-चिंचवड नगर निगम चुनाव में दोनों दलों के साथ आने से पुराने रिश्ते जुड़ते नजर आ रहे हैं. अजित पवार ने शरद गुट के विधायकों का उनके साथ आने की मांग करने की एक वजह विधायक फंड भी है. फंड नहीं मिलने से शरद पवार के खेमे में बेचैनी बढ़ रही है. पहले समय में विपक्ष में रहते हुए विकास निधि मिल जाती थी, आजकल ऐसा नहीं है. 5 साल से विपक्ष में हों, विकास निधि न मिले तो हताश होना स्वाभाविक है.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola