महाराष्ट्र की राजनीति में आएगा एक और ट्विस्ट! संजय राउत का दावा- शिंदे की जगह अजित बनेंगे नए सीएम, 16 विधायक होंगे अयोग्य

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Maharashtra Politics: उद्धव गुट के राज्यसभा सांसद संजय राउत की मानें तो महाराष्ट्र की राजनीति में जल्द ही एक और ट्विस्ट आने वाला है। संजय राउत ने सोमवार को दावा किया कि एकनाथ शिंदे की जगह अजित पवार जल्द ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने कहा कि जल्द ही एकनाथ शिंदे और शिवसेना से बगावत करने वाले 16 विधायक जल्द ही अयोग्य घोषित होंगे।

संजय राउत ने यह भी कहा कि लगभग एक साल पहले शिवसेना से बगावत करने वाले 16 विधायक अयोग्य होने जा रहे हैं। राउत ने न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा कि आज मैं कैमरे के सामने कह रहा हूं, महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बदलने जा रहा है। एकनाथ शिंदे को हटाया जा रहा है। एकनाथ शिंदे और 16 विधायक अयोग्य घोषित होने जा रहे हैं।

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राउत बोले- महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीबी और कांग्रेस मिलकर लड़ेगी चुनाव

राउत की ये टिप्पणी राकांपा नेता अजित पवार के महाराष्ट्र में शिवसेना-भाजपा गठबंधन में शामिल होने और रविवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद आई है। राउत ने आगे कहा कि महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस एकजुट होकर लड़ेंगे।

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राउत ने कहा कि बीजेपी शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस को तोड़ रही है लेकिन इससे उन्हें कोई फायदा नहीं होगा। महाराष्ट्र में हम एकजुट होकर लड़ेंगे। यह चौंकाने वाली बात है कि पीएम मोदी ने कहा था कि एनसीपी के नेता भ्रष्टाचार में शामिल हैं और अब उन नेताओं ने राजभवन में शपथ ली है।

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संजय राउत ने कहा कि हमें पहले से ही पता था कि ये प्रक्रिया चल रही है। इस बारे में मैंने पहले भी कहा था कि ऐसा हो सकता है। एकनाथ शिंदे पर जो अयोग्यता की तलवार लटक रही थी वो जल्द ही गिरने वाली है। उनके साथ गए 16 विधायक अयोग्य हो जाएंगे। बस कुछ ही दिनों में महाराष्ट्र को एक और मुख्यमंत्री मिल जाएगा।

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एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना में हुई थी बगावत

बता दें कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना विधायकों के एक समूह ने उद्धव ठाकरे के खिलाफ विद्रोह कर दिया था। उनका कहना था कि कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ गठबंधन करने का शिवसेना का निर्णय पार्टी की हिंदुत्व विचारधारा के खिलाफ है।

महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार में तत्कालीन कैबिनेट मंत्री शिंदे ने विद्रोह का नेतृत्व किया जिसने शिवसेना को विभाजित कर दिया। एमवीए के पतन के बाद बीजेपी-बालासाहिबांची शिवसेना का गठन हुआ।

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