लापरवाही! चलती एंबुलेंस से सड़क पर स्ट्रेचर समेत गिरा मरीज, पिछले गेट का लॉक रह गया था खुला; VIDEO वायरल
पुणे के YCM अस्पताल से ससून अस्पताल ले जाते समय एक बेघर मरीज स्ट्रेचर समेत चलती एंबुलेंस से सड़क पर गिर गया. घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने ड्राइवर और स्टाफ सदस्य को नोटिस जारी किया.
चलती एंबुलेंस से गिरने के बाद मरीज को सड़क किनारे करते हुए स्थानीय लोग. (Image- X/@VaradBhatkhande)
महाराष्ट्र के पुणे में रविवार रात एक लापरवाही का मामला सामने आया, जहां एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल ले जाया जा रहा एक बेघर मरीज चलती एंबुलेंस से स्ट्रेचर समेत सड़क पर गिर गया. बताया जा रहा है कि एंबुलेंस का पिछला दरवाजा खुला हुआ था. मरीज के सड़क पर गिरने के बाद भी एंबुलेंस नहीं रुकी और आगे निकल गई. करीब 90 सेकेंड बाद जब एंबुलेंस वापस आई, तब तक वहां मौजूद लोग घायल मरीज को सड़क के किनारे ले गए थे. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अस्पताल की व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं.
विज्ञापन
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, एक बेघर व्यक्ति को इन्फेक्शन था जिसके इलाज के लिए मरीज को पिंपरी स्थित पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम (PCMC) के यशवंतराव चव्हाण मेमोरियल (YCM) अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अस्पताल में उसके इलाज के लिए जरूरी सुविधाएं नहीं होने के कारण डॉक्टरों ने उसे ससून जनरल अस्पताल भेजने का फैसला किया. मरीज के साथ देखभाल करने के लिए उसका कोई रिश्तेदार नहीं था. ऐसे में नियमों के अनुसार, मरीज के साथ एंबुलेंस में एक पुलिस अधिकारी को भेजा गया था. जैसे ही एंबुलेंस YCM अस्पताल के मेन गेट से बाहर निकली, उसका पिछला दरवाजा अचानक खुल गया. इसके बाद मरीज स्ट्रेचर के साथ सड़क पर गिर गया. गिरने के बाद भी ड्राइवर ने एंबुलेंस नहीं रोकी और आगे बढ़ती रही.
विज्ञापन
Shocking! An unidentified patient fell onto the road along with a stretcher from a moving YCM Hospital ambulance in Pimpri-Chinchwad. Citizens recorded the incident and confronted the driver. The patient was taken back to the hospital. Who is accountable for this serious patient… pic.twitter.com/xr1yCI8KAS
— Varad Bhatkhande | Journalist (@VaradBhatkhande) October 11, 2026
राहगीरों ने मरीज को संभाला
घटना के सामने आए वीडियो में कुछ लोग सड़क पर गिरे मरीज और स्ट्रेचर को उठाकर किनारे ले जाते दिखाई दे रहे हैं. स्थानीय लोगों ने बिना देर किए मरीज की मदद की और उसे सुरक्षित जगह पहुंचाया. करीब 90 सेकेंड बाद एंबुलेंस वापस घटनास्थल पर पहुंची. इस दौरान ड्राइवर और वार्ड बॉय एक-दूसरे पर गलती डालते हुए नजर आए. वहीं, एंबुलेंस की यात्री सीट पर बैठे पुलिसकर्मी ने कहा कि पीछे का दरवाजा ठीक से बंद नहीं था.
जांच में सामने आईं खामियां
वरिष्ठ अधिकारियों के बयानों से एंबुलेंस में मरीज की सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठे हैं. जांच में पता चला कि स्ट्रेचर के पहियों को ठीक से लॉक नहीं किया गया था. इससे चलती गाड़ी में स्ट्रेचर के खिसक गया. इसके अलावा, जिस कर्मचारी को मरीज के साथ बैठकर उसकी देखभाल करनी थी, वह एंबुलेंस की यात्री सीट पर बैठा हुआ था. सबसे गंभीर बात यह थी कि ड्राइवर को इस बात का पता तक नहीं चला कि मरीज एंबुलेंस से बाहर गिर गया है. वीडियो वायरल होने के बाद घटना की आलोचना हुई. लोगों ने अस्पताल प्रशासन से मरीजों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की. YCM अस्पताल के डीन डॉ. राजेंद्र वाबले ने बताया कि एंबुलेंस के ड्राइवर और स्टाफ सदस्य को नोटिस जारी किए गए हैं.