सेविंग अकाउंट में 1.01 लाख रुपए ज्यादा देखकर बुजुर्ग ने उठाया ऐसा कदम, हर जगह तारीफ

old man Surprised to see one lakh in bank account: महाराष्ट्र के लातूर के रहने वाले एक 67 साल के बुजुर्ग के खाते में गलती से 1 लाख से अधिक रुपए जमा हो गए, जिसके बाद बुजुर्ग ने ईमानदारी का परिचय देते हुए पूरी रकम वापस कर दी। उनकी इस ईमानदारी की हर तरफ चर्चा हो रही है।

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old man Surprised to see one lakh in bank account: आज के इस बदलते वक्त और लोगों के बीच बढ़ रहे पैसे के महत्व को देखते हुए ईमानदारी कहीं न कहीं लोगों में खत्म होती जा रही है, यही वजह है कि लोगों के साथ आज कल धोखाधड़ी और फ्रॉड जैसी घटनाएं बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। इन घटनाओं के बीच महाराष्ट्र के लातूर में मौके का फायदा न उठाकर एक व्यक्ति ने ईमानदारी की ऐसी मिसाल कायम की, जिसने हर किसी को हैरत में डाल दिया। मामले को लेकर सामने आई जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र के लातूर के रहने वाले एक 67 साल के बुजुर्ग के खाते में गलती से 1 लाख से अधिक रुपए जमा हो गए, जिसके बाद बुजुर्ग ने ईमानदारी का परिचय देते हुए पूरी रकम वापस कर दी। उनकी इस ईमानदारी की हर तरफ चर्चा हो रही है।

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डाक बचत खाते में गलती से आई थी रकम

आपको बताते चलें कि लातूर के रहने वाले 67 वर्षीय बुजुर्ग श्रीकांत जगन्नाथराव जोशी का गांधी चौक स्थित डाकघर में डाक सेविंग अकाउंट चलता है। सोमवार को जगन्नाथराव जोशी अपनी जमा राशि की पांच साल की अवधि पूरी होने पर अपने पैसे निकाले और देखा कि उनकी जमा राशि में 1.01 लाख रुपए अधिक है। अपने डाक सेविंग अकाउंट में जमा की गई रकम को अधिक देखकर वे हैरान हो गए और उन्होंने इस मामले की जानकारी तत्काल डाकघर के अधिकारियों को दी।

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फोन पर जानकारी देकर वापस की अधिक धनराशि, पेश की मिसाल

डाकघर के अधिकारियों ने बताया कि श्रीकांत जगन्नाथराव जोशी ने गांधी चौक स्थित डाकघर में अपनी जमा राशि की पांच साल की लिमिट पूरी होने पर अपने पैसे निकाले, जिसके बाद उन्हें अपनी जमा की गई 1,63,777 रुपये की राशि के बजाय 2,64,777 रुपये की राशि प्राप्त हुई। 1.01 लाख की अधिक राशि प्राप्त करके जोशी ने तुरंत अपने डाकघर एजेंट को फोन किया और मामले की जानकारी देते हुए राशि लौटा दी।

बुजुर्ग ने कायम की मिसाल, हर तरफ हो रही सराहना

इस मामले क लेकर डाकघर के एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि लगभग 10 साल पहले लोक निर्माण विभाग से रिटायर हुए श्रीकांत जगन्नाथराव जोशी ने अपने इस काम से ईमानदारी की मिसाल कायम की है। जिसके बाद उनकी हर तरफ सराहना हो रही है। इसके साथ लोगों के मन में एक सवाल भी खड़ा हो रहा है कि आखिर आज के वक्त में कोई ऐसी ईमानदारी की मिसाल कैसे कायम कर सकता है। हालांकि, इस घटना के बाद श्रीकांत जगन्नाथराव जोशी की ओर से दिखाई गई ईमानदारी की चारों तरफ चर्चा हो रही है।

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