शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने मंगलवार को नागपुर हिंसा को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार महाराष्ट्र को अगला मणिपुर बनाना चाहती है। हिंसा से निपटने के सरकार के तरीके पर भी उन्होंने सवाल उठाए। ठाकरे ने कहा कि नागपुर हिंसा को लेकर सीएमओ ने प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी? ऐसी घटनाएं होने से पहले ही जानकारी सरकार और गृह विभाग को लग जाती है। क्या सरकार को इस बारे में जानकारी नहीं लगी थी? ठाकरे ने भारत की वियतनाम के साथ तुलना की। उन्होंने कहा कि भारत की तुलना में छोटा और कम आबादी वाला देश निरंतर तेजी से प्रगति कर रहा है, जिसने इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में दुनियाभर में नाम कमाया है।
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मणिपुर में 2023 से हिंसा हो रही है, पूरा राज्य जल रहा है। क्या अब वहां निवेश होगा, टूरिज्म बढ़ेगा? कहीं न कहीं सरकार महाराष्ट्र को उसी दिशा में ले जा रही है। वियतनाम भारत की तुलना में इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में 3 गुना आगे है। हमारे देश को बीजेपी जिलों, धर्मों और जातियों में बांटने का काम कर रही है। इससे पहले नागपुर हिंसा को लेकर सीएम देवेंद्र फडणवीस का बयान भी सामने आया था। फडणवीस ने कहा था कि हिंसा को सुनियोजित ढंग से अंजाम दिया गया। पहले अफवाह फैलाई गई कि धार्मिक सामग्री जलाई गई है। इसको लेकर नागपुर में विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल ने जोरदार प्रदर्शन भी किया था।
33 पुलिसकर्मी चोटिल
फडणवीस ने कहा कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जा सकती। पुलिसकर्मियों पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। हिंसा में 3 डीसीपी रैंक के अधिकारी घायल हुए हैं। 1 डीसीपी पर कुल्हाड़ी से अटैक किया गया है, 33 पुलिसकर्मियों को चोटें लगी हैं। 5 आम लोगों को चोटें लगी हैं, जिनमें से 3 को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। एक शख्स की हालत गंभीर है, उसका इलाज आईसीयू में चल रहा है। हिंसा के मामले में 5 FIR दर्ज की गई हैं, 11 पुलिस स्टेशनों के इलाके संवेदनशील घोषित किए गए हैं।
छावा फिल्म ने भड़काया गुस्सा
फडणवीस ने कहा कि हिंसा वाली जगहों पर पत्थरों से भरी एक ट्रॉली मिली है। उपद्रवियों ने खास घरों और संस्थानों को ही निशाना बनाया है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे कोई भी हों। छावा फिल्म ने औरंगजेब के खिलाफ लोगों के गुस्से को भड़का दिया है, लेकिन फिर भी सभी को महाराष्ट्र में शांति बनाए रखनी चाहिए। हम जाति या धर्म की परवाह किए बिना कार्रवाई करेंगे।
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