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देश के पहले गणपति पंडाल का मूर्ति विसर्जन, मुंबई से पुणे तक उमड़ा भक्ति का सैलाब

Mumbai News: अनंत चतुर्दशी के दिन मुंबई से लेकर पुणे तक आस्था और भक्ति का अनोखा संगम देखने को मिला। 10 दिन की पूजा अर्चना के बाद भगवान गणेश के भक्तों ने 11 वें दिन बप्पा को बिदा किया। पढ़िए मुंबई से राहुल पांडे की रिपोर्ट।

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गणेश विसर्जन जुलूस

Mumbai News:

अनंत चतुर्दशी के दिन मुंबई से लेकर पुणे तक आस्था और भक्ति का अनोखा संगम देखने को मिला। 10 दिन की पूजा अर्चना के बाद भगवान गणेश के भक्तों ने 11 वें दिन बप्पा को बिदा किया। इस मौके पर सड़कों पर आस्था और भक्ति का जन सैलाब भी उमड़ा। देश के सबसे पहले गणपति पंडाल की मूर्ति का विसर्जन भी धूमधाम से किया गया है। करीब 20 घंटे तक शोभायात्रा चली। इस दौरान महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार भी विसर्जन यात्रा में शामिल हुए।

20 घंटे चली विसर्जन यात्रा

मुंबई के साथ इस बार पुणे शहर भी बप्पा की भक्ति में लीन नजर आया। श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी गणपति, जिसे हिन्दुस्तान का पहला सार्वजनिक गणपति माना जाता है। भव्य विसर्जन करीब 20 घंटे की लंबी शोभायात्रा के बाद सम्पन्न हुआ। इस शोभायात्रा ने पूरे शहर का ध्यान आकर्षित किया और हजारों भक्तों ने इसमें भाग लेकर बप्पा को भावपूर्ण विदाई दी। इस दौरान भक्तों में उत्साह तो जरूर दिखा, लेकिन उनकी आंखें भी नम थी।

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यह भी पढ़ें- महाराष्ट्र में गणेशोत्सव को मिला राज्योत्सव का दर्जा, मंत्री आशिष शेलार ने किया ऐलान

भगवान गणेश का रथ रहा आकर्षण का केंद्र

इस शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण रहा भव्य ‘श्री गणेश रत्न रथ’, जिस पर बप्पा विराजमान थे। अनंत चतुर्दशी की सुबह 7:30 बजे डीसीपी कृशिकेश रावले ने मंडप पर पारंपरिक पूजा की। इसके बाद सुबह 8 बजे प्रतिमा को रत्न महल से बाहर निकालकर रत्न रथ पर स्थापित किया गया। शाम होते-होते मंडई के टिलक प्रतिमा चौक से औपचारिक विसर्जन यात्रा प्रारंभ हुई। लगभग 20 घंटे की शोभा यात्रा के रविवार सुबह मूर्ति का विसर्जन किया गया।

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भगवान गणेश का रथ रहा आकर्षण का केंद्र

इस शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण रहा भव्य ‘श्री गणेश रत्न रथ’, जिस पर बप्पा विराजमान थे। अनंत चतुर्दशी की सुबह 7:30 बजे डीसीपी कृशिकेश रावले ने मंडप पर पारंपरिक पूजा की। इसके बाद सुबह 8 बजे प्रतिमा को रत्न महल से बाहर निकालकर रत्न रथ पर स्थापित किया गया। शाम होते-होते मंडई के टिलक प्रतिमा चौक से औपचारिक विसर्जन यात्रा प्रारंभ हुई। लगभग 20 घंटे की शोभा यात्रा के रविवार सुबह मूर्ति का विसर्जन किया गया।

डीजे रहित गणेश उत्सव बनाने का लक्ष्य

श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी गणपति ट्रस्ट के न्यासी और उत्सव प्रमुख ने कहा कि इस वर्ष का विसर्जन भी अपनी भव्यता और सांस्कृतिक गरिमा के लिए यादगार रहा। उन्होंने कहा, “रत्न रथ को विशेष सजावट से सुसज्जित किया गया था। पुनीत बालन ने आगे यह भी जोड़ा कि ट्रस्ट लंबे समय से डीजे-रहित गणेशोत्सव की दिशा में प्रयासरत है। उन्होंने कहा, “पुणे का विसर्जन जुलूस दुनियाभर के भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र है। इस बार हमारे डीजे-रहित उत्सव के आह्वान को लोगों से भारी समर्थन मिला। मुझे विश्वास है कि अगले पांच से छह वर्षों में पूरा पुणे गणेशोत्सव डीजे-रहित बन जाएगा।”

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पुणे में अजित पवार भी हुए विसर्जन यात्रा में शामिल

पुणे में भी गणेश विसर्जन का जुलूस निकाला गया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने पुणे में श्रद्धालुओं के साथ गणेश विसर्जन के जुलूस में शामिल हुए और ढोल बजाया। इसका वीडियो भी सामने आया है। पुणे के अलावा मुंबई में भी अनंत चतुर्दशी के दिन भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। मुंबई में 1 लाख 70 हजार से ज्यादा मूर्तियों का विसर्जन किया गया। जिसमें 6500 सार्वजनिक गणेश पंडालों की मूर्ति थी। बप्पा की विसर्जन यात्रा में किसी भी तरह का विघ्न ना पड़े, इसको लेकर मुंबई पुलिस ने बड़ी तैयारी की थी। 21000 के करीब मुंबई में पुलिस के जवानों को तैनात किया गया था। भीड़ भाड़ वाली जगहों पर AI तकनीक की मदद ली गई थी।

यह भी पढ़ें- गणेश मूर्ति विसर्जन का क्या है शुभ मुहूर्त, जानिए कैसे दें बप्पा को विदाई?

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