पुणे की सड़कों पर 'छात्र क्रांति'! MPSC दफ्तर के बाहर हज़ारों युवाओं का हल्लाबोल, काली शर्ट पहन गाड़ियों पर चढ़े रोहित पवार
MPSC की कार्यप्रणाली और पेपर लीक को लेकर पुणे में हजारों प्रतियोगी परीक्षार्थियों ने आक्रोश मोर्चा निकाला. छात्रों ने MPSC अध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे की मांग की.
शरद पवार गुट की सांसद सुप्रिया सुले भी प्रदर्शन में शामिल हुईं. (Image- ANI)
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सपनों को साकार करने का माद्दा रखने वाले हजारों युवा जब सड़कों पर उतर आएं, तो समझ लीजिए कि पानी सिर से ऊपर जा चुका है. कुछ ऐसा ही मंजर सोमवार कें दीन महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी पुणे में देखने को मिला. MPSC यानी कि महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की कार्यप्रणाली और घोटालों से तंग आकर हज़ारों प्रतियोगी परीक्षार्थियों ने पुणे की सड़कों पर ऐतिहासिक ‘आक्रोश मोर्चा’ निकाल दिया. ओंकारेश्वर चौक से लेकर सीधे जिला कलेक्टर कार्यालय तक सिर्फ आक्रोशित चेहरों का सैलाब नजर आ रहा था.
कुर्सी छोड़ो: अध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे की गूंज
हाथों में सरकार विरोधी बैनर, आंखों में गुस्सा और ज़ुबान पर इंकलाबी नारे… छात्रों का यह हुजूम सीधे तौर पर MPSC के आला अधिकारियों की गर्दन नापने निकला था. प्रदर्शनकारी छात्रों की सीधी मांग है कि धांधली और घोटालों के इस दौर में अब MPSC के अध्यक्ष और सचिव को अपनी कुर्सी तुरंत छोड़ देनी चाहिए. छात्रों का कहना है कि जब सालों की मेहनत पर एक झटके में पानी फिर जाए, तो फिर ऐसे अधिकारियों को पद पर बने रहने का कोई नैतिक हक नहीं है.
इस छात्र आंदोलन में सियासी माहौल तब और गर्मा गया जब शरद पवार गुट के चर्चित विधायक रोहित पवार भी मोर्चे में कूद पड़े. विरोध जताने के लिए काली शर्ट पहनकर पहुंचे रोहित पवार का अंदाज़ पूरी तरह से आक्रामक दिखा. वे एक गाड़ी की छत पर चढ़ गए और माइक थामकर सीधे सरकार और MPSC प्रशासन पर जमकर बरसे.
रोहित पवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “चंद रुपयों के लालच में गरीब और दिन-रात मेहनत करने वाले इन लाखों युवाओं के भविष्य को दांव पर लगा दिया गया है. यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि इन छात्रों के सपनों का कत्ल है.”
#WATCH | Pune, Maharashtra: Thousands of MPSC aspirants took out a massive 'Aakrosh Morcha' protest march. NCP-SP MP Supriya Sule joins the protesting students to extend their solidarity. pic.twitter.com/39NdjiuT15
दरअसल, इस पूरे भारी-भरकम बवाल की जड़ में है—MPSC की ‘ड्रग इंस्पेक्टर, ग्रुप-B’ भर्ती परीक्षा. 22 मार्च 2026 को हुई थी परीक्षा. इस पद के लिए मार्च 2026 में स्क्रीनिंग टेस्ट आयोजित किया गया था. परीक्षा से पहले ही पर्चा बाहर आ गया और चुनिंदा उम्मीदवारों तक सवाल पहुंच गए.
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भर्ती पूरी तरह रद्द
जब क्राइम ब्रांच ने जांच की और पाया कि परीक्षा की गोपनीयता ही पूरी तरह से टूट चुकी है, तो दबाव में आकर MPSC को पूरी भर्ती प्रक्रिया ही रद्द करनी पड़ी. हालांकि, आयोग ने कहा है कि दोबारा होने वाले पेपर के लिए छात्रों से नया फॉर्म या फीस नहीं ली जाएगी.
खाकी के फंदे में MPSC के 3 बड़े साहब!
इस पूरे खेल में सबसे शर्मनाक मोड़ तब आया जब मुंबई क्राइम ब्रांच की तफ्तीश में खाकी ने घर के ही भेदियों को धर दबोचा. पुलिस ने इस घोटाले में MPSC के 3 वरिष्ठ अधिकारियों समेत नंदुरबार की ‘कौटिल्य अकादमी’ से जुड़े कई मास्टरमाइंड्स को हथकड़ी पहना दी है. अब जांच इस बात की चल रही है कि पेपर का सेक्रेट सेट आखिर बाहर कैसे पहुंचा और इस काली कमाई के रैकेट में ऊपर तक कौन-कौन से बड़े नाम शामिल हैं.