Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र की महायुति सरकार में शिंदे और फडणवीस के बीच जारी शीतयुद्व के बीच अब भारतीय जनता पार्टी ने एकनाथ शिंदे को उनके ही गढ़ ठाणे में कमजोर करने की तैयारी कर ली है। ठाणे में भाजपा का आज जनता दरबार लगने जा रहा है। भाजपा नेता और राज्य सरकार में मंत्री गणेश नाईक ठाणे में जनता दरबार लगाएंगे। जिसे भाजपा और शिंदे के अंदरूनी हलचल से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
लगेगा जनता दरबार
इतना ही नही भारतीय जनता पार्टी के विधायक संजय केलकर और एमएलसी निरंजन डावखरे भी आने वाले वक्त में ठाणे में हफ्ते में दो बार जनता दरबार लगाएंगे। इसके साथ भाजपा विधायक ठाणे में विधायक आपले दारी ( विधायक आपके द्वार ) अभियान चलाकर लोगों से संवाद करेंगे।
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भाजपा के जनता दरबार का जवाब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना भी जनता दरबार से देने की तैयारी कर रही है। परिवहन मंत्री और शिंदे गुट के नेता प्रताप सरनाईकने ऐलान किया है कि वो भी पालघर जिले में जनता दरबार लगाएंगे। ठाणे में जनता दरबार लगाने वाले गणेश नाईक पालघर जिले के पालक मंत्री हैं।
इस पर संजय राउत का बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने कहा कि जनता दरबार लेना सब का अधिकार है। गणेश नाईक को जनता दरबार लेने का अनुभव है, वो एकनाथ शिंदे से सीनियर नेता है।
कौन है गणेश नाईक?
गणेश नाईक की पहचान एक आक्रमक नेता के रूप में होती है, जिनकी ठाणे, नवी मुंबई में उनकी अच्छी पकड़ है। साल 1995 में शिवसेना भाजपा गठबंधन की सरकार जब महाराष्ट्र में आई थी, तब बालासाहेब ठाकरे ने उन्हें वन और पर्यावरण मंत्री बनाया था। इसी समय उन्हें ठाणे के पालक मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उस समय ठाणे और पालघर मिलाकर एक जिला हुआ करता था। नाइक देश के सबसे बड़े जिले का पालक मंत्री हुआ करते थे।
बाद में एनसीपी और कांग्रेस की सरकार आने के बाद नाइक एनसीपी में शामिल हो गए। 2004 से 2014 तक उन्होंने ठाणे के पालक मंत्री की जिम्मेदारी संभाली, उसके बाद भाजपा में शामिल हो गए।
शिंदे की एक और योजना की होगी जांच?
राज्य में फडणवीस की सरकार आने के बाद सीएम देवेंद्र फडणवीस एकनाथ शिंदे द्वारा शुरू की गई योजना पर जांच बिठा रहे हैं। जालना के सिडको प्रोजेक्ट पर जांच का आदेश दिया गया है। इसके अलावा, बीएमसी ने शिंदे द्वारा जारी किए 1400 करोड़ के टेंडर को रद्द कर दिया। हाल के ही एक फैसले की बात करें तो MSP को लेकर शिंदे सरकार की एक योजना की भी अब जांच होगी। जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र के सोयाबीन और कपास किसानों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में अनियमितताएं पाई गई हैं।
इसको लेकर फडणवीस सरकार ने एक नई समिति गठित कर दी है। महाराष्ट्र राज्य के बाजार मंत्री जयकुमार रावल की अगुवाई में 6 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। शिकायत में कहा गया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में कुछ नोडल एजेंसियां किसानों से MSP के नाम पर अवैध रूप से धन वसूल रही थीं।
वहीं, संजय राउत राज्य ने MSP पर बनाई समिति को लेकर कहा कि ‘मुख्यमंत्री फडणवीस ने एकनाथ शिंदे के कार्यकाल में MSP पर बनाई समिति को बंद किया होगा तो जरूर उनके मन मे कुछ अच्छी बात होगी। नहीं तो वो पहले वाली समिति बंद नही करते है। उन्होंने आगे कहा कि कुछ गड़बड़ हुआ होगा या करप्शन हुआ होगा।
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