महाराष्ट्र में मानसून की विदाई के साथ मौसम तेजी से बदल रहा है. बारिश कम होने और धूप तेज होने से राज्य के कई हिस्सों में गर्मी बढ़ गई है. मुंबई और कोंकण के कई इलाकों में तापमान 30 डिग्री तक पहुंच गया है. उमस की वजह से लोगों को तापमान ज्यादा गर्म महसूस हो रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के 8 अक्टूबर के अपडेट के मुताबिक मुंबई में अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस रह सकता है.
मानसून की विदाई के बाद क्यों बढ़ी गर्मी?
दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के साथ बादल और बारिश कम हो रहे हैं. इससे दिन में धूप ज्यादा तेज हो रही है और तापमान बढ़ रहा है. मौसम विशेषज्ञ महेश पलावत के मुताबिक महाराष्ट्र में अब बारिश की गतिविधि काफी कम रहने की संभावना है. अरब सागर और आसपास के क्षेत्रों में हवा के बदलते पैटर्न का भी असर मौसम पर पड़ रहा है. वहीं, देश के दूसरे हिस्सों में अलग मौसम देखने को मिल रहा है. कुछ जगहों पर बारिश हो रही है, जबकि महाराष्ट्र के कई इलाकों में गर्म और शुष्क मौसम बना हुआ है. झारखंड और बंगाल की खाड़ी के आसपास बने चक्रवात सिस्टम ने भी मौसम की स्थिति को थोड़ा जटिल बनाया है.
और गर्मी बढ़ने के आसार
महाराष्ट्र के ज्यादातर हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम सूखा रहने की संभावना है. महाबलेश्वर, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग और पश्चिमी घाट के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन बड़े पैमाने पर बारिश की उम्मीद नहीं है. कम बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में पानी को लेकर भी चिंता बढ़ सकती है. 1 जून से 30 सितंबर के बीच महाराष्ट्र में सामान्य औसत से करीब 19 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई. हालांकि, IMD के आंकड़ों के आधार पर इस कमी को अभी सामान्य मानसूनी स्थिति की सीमा में माना गया है.
किस इलाके में कैसे रहेगा मौसम?
8 अक्टूबर को कोंकण क्षेत्र में ज्यादातर जगह मौसम सूखा रहने की संभावना है. रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है. दिन का तापमान करीब 37 डिग्री तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 24 डिग्री के आसपास रह सकता है. उत्तर महाराष्ट्र में भी अगले चार-पांच दिनों में मौसम मुख्य रूप से सूखा रहने का अनुमान है. यहां अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री रह सकता है. पुणे, अहिल्यानगर, सतारा और सोलापुर में भी मौसम ज्यादातर शुष्क रहेगा. कोल्हापुर, सांगली और पश्चिमी घाट के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. यहां तापमान 32 से 34 डिग्री के बीच रहने की संभावना है.
छत्रपति संभाजीनगर, जालना, परभणी, बीड, हिंगोली, नांदेड़, लातूर और धाराशिव में मौसम मुख्य रूप से सूखा रहने का अनुमान है. साफ आसमान के कारण दिन में धूप तेज हो सकती है. अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री के आसपास रह सकता है. विदर्भ में भी फिलहाल भारी बारिश का कोई बड़ा अलर्ट नहीं है. यहां अगले कुछ दिनों में मौसम मुख्य रूप से सूखा रहने और अधिकतम तापमान करीब 24 से 35 डिग्री के बीच रहने की संभावना है.
स्कूलों का समय बदलने की मांग
बढ़ती गर्मी का असर अब स्कूलों तक भी पहुंच रहा है. सिंधुदुर्ग में पूर्व विधायक वैभव नाइक ने महाराष्ट्र के स्कूल शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे को पत्र लिखकर स्कूलों की टाइमिंग बदलने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि दोपहर में चलने वाले स्कूलों को सुबह की शिफ्ट में किया जाए. उनका कहना है कि तेज धूप में बच्चों के स्कूल आने-जाने से उनकी सेहत पर असर पड़ सकता है और अभिभावकों को भी परेशानी होती है. यह मांग स्कूल बंद करने की नहीं, बल्कि उनके समय में बदलाव की है. उपलब्ध जानकारी में स्कूलों को पूरी तरह बंद करने का कोई आदेश नहीं बताया गया है.
मुंबई, ठाणे और रायगढ़ में गर्मी-उमस
मुंबई और आसपास के इलाकों में भी अक्टूबर की गर्मी महसूस की जा रही है. IMD के मुताबिक 8 अक्टूबर को मुंबई में अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री और न्यूनतम करीब 25 डिग्री रह सकता है. इससे पहले अक्टूबर की शुरुआत में मुंबई के कोलाबा में 37.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था, जो वहां अक्टूबर में 2013 के बाद सबसे अधिक था. सांताक्रूज में भी 36.9 डिग्री तापमान दर्ज हुआ था.
गर्मी से मुंबई लोकल की पटरी पर भी असर
अक्टूबर की गर्मी का असर मुंबई की लोकल ट्रेन सेवाओं पर भी पड़ा. बढ़ते रेल ट्रैक तापमान के कारण सेंट्रल रेलवे को कुछ जगहों पर इमरजेंसी ब्लॉक लेकर तकनीकी काम और जांच करनी पड़ी. बायकुला, परेल, दिवा और दिघा के आसपास ऐसे काम किए गए. इसके कारण मेन लाइन और ट्रांस-हार्बर रूट की कुछ लोकल सेवाएं प्रभावित हुईं. रिपोर्टों के मुताबिक करीब आठ सेवाओं पर असर पड़ा, जिनमें पांच ट्रेनें 20 से 25 मिनट तक लेट हुईं, जबकि तीन ट्रेनों को डायवर्ट किया गया.
गर्मी से पटरी पर क्यों पड़ता है असर?
तापमान बढ़ने पर स्टील की रेल पटरी फैलती है. ट्रैक के कुछ संवेदनशील हिस्सों में ज्यादा फैलाव होने पर पटरी के आकार और अलाइनमेंट में बदलाव का खतरा रहता है. इससे ट्रेन संचालन की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है. इसलिए रेलवे ऐसे हालात में जरूरी तकनीकी काम के लिए अस्थायी ब्लॉक लेता है. बायकुला में करीब 30 से 45 मिनट का ब्लॉक लिया गया. अलग-अलग लाइनों पर काम किया गया, ताकि पूरी तरह ट्रेन सेवा बंद न करनी पड़े. परेल की डाउन स्लो लाइन और ट्रांस-हार्बर रूट पर दिघा के पास भी तकनीकी काम किया गया.
यात्रियों को झेलनी पड़ी भीड़ और देरी
लोकल ट्रेनों में देरी का असर यात्रियों पर भी पड़ा. ठाणे, मुलुंड, भांडुप, घाटकोपर और कुर्ला जैसे स्टेशनों पर भीड़ बढ़ गई. यात्रियों ने ट्रेनों की देरी और बदलाव की जानकारी समय पर नहीं मिलने की शिकायत भी की. मुंबई की लोकल ट्रेनें रोजाना लाखों लोगों की आवाजाही का मुख्य साधन हैं. ऐसे में छोटी अवधि का व्यवधान भी कई रूट पर भीड़ और देरी बढ़ा सकता है.