Maharashtra Politics : महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में शानदार जीत हासिल करने के बाद भी अब तक महायुति की सरकार का गठन नहीं हो पाया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) से कौन अगला मुख्यमंत्री बनेगा? इसकी अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं हो पाई है। हालांकि, एकनाथ शिंदे ने भाजपा हाईकमान के फैसले को मानने की बात कही है। अब बड़ा सवाल उठता है कि महाराष्ट्र सीएम की रेस में देवेंद्र फडणवीस आगे क्यों हैं?
RSS का सपोर्ट
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ऐसे तो भाजपा के फैसलों पर हस्तक्षेप नहीं करता है, लेकिन कभी कभी राज्य और देश के कल्याण के लिए अपना संदेश जरूर देता है। माना जा रहा है देवेंद्र फणडवीस को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का समर्थन प्राप्त है। संघ भी चाहता है कि देवेंद्र फडणवीस को ही सत्ता की कमान मिले।
दूसरी पार्टियों में भी स्वीकार्यता
देवेंद्र फडणवीस की भारतीय जनता पार्टी (BJP) में भी अच्छी पकड़ है। साथ ही दूसरे दलों के नेता भी उन्हें पसंद करते हैं। महायुति की सहयोगी पार्टी शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित गुट) को फडणवीस के मुख्यमंत्री बनने पर कोई आपत्ति नहीं है। ऐसे में बीजेपी के साथ अन्य दूलों में भी उनकी स्वीकार्यता है।
देवेंद्र फणडवीस की छवि साफ-सुथरी है। 5 साल सीएम और फिर डिप्टी सीएम पद पर रहने के बाद भी उन पर कोई भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा। साथ ही उनका डायनेमिक नेतृत्व है। वे बदलती परिस्थितियों के साथ अपना तालमेल भी बैठा लेते हैं।
गठबंधन सरकार चलाने का अनुभव
देवेंद्र फडणवीस के पास गठबंधन सरकार चलाने का भी अनुभव है। जब वे पहली बार मुख्यमंत्री बने थे तब उन्होंने अविभाजित शिवसेना के साथ मिलकर पांच साल का कार्यकाल पूरा किया। उन्होंने शिवसेना से बगावत कर आए एकनाथ शिंदे के अंडर में बतौर डिप्टी सीएम भी काम किया और वे गठबंधन को साथ लेकर आगे बढ़े।
संगठन-प्रशासन पर मजबूत पकड़
सरकार के साथ-साथ देवेंद्र फडणवीस की संगठन और प्रशासन में भी मजबूत पकड़ है। उनके कुशल नेतृत्व में ही महाराष्ट्र में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। संख्या बल में आगे होने के बाद एकनाथ शिंदे ने सीएम पद के लिए बीजेपी हाईकमान पर फैसला छोड़ दिया।