महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के 358 में से 265 तालुकाओं को सूखाग्रस्त घोषित किया है. यानी राज्य के करीब 74 फीसदी तालुके इस दायरे में आए हैं. सरकार ने सूखे से निपटने के लिए ‘ट्रिगर-1’ लागू कर दिया है. राज्य के Drought Management Code के तहत ‘Trigger-1’ सूखे की स्थिति का पहला चरण है. इसे तब लागू किया जाता है जब बारिश में 25 फीसदी से ज्यादा कमी हो और लगातार 21 दिनों तक बारिश न हो. सरकार ने सूखाग्रस्त इलाकों में राहत पहुंचाने के लिए कई फैसले लिए हैं.
फसल नुकसान का तुरंत होगा सर्वे एवं जमीन के राजस्व से छूट
जिला कलेक्टरों को फसलों के नुकसान का जल्दी पता लगाने के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारियों से कहा गया है कि फसलों की मौजूदा स्थिति दर्ज करने के लिए फोटो और GPS लोकेशन भी पता लगाई जाए. इससे नुकसान के आकलन में पारदर्शिता रखने में मदद मिलेगी. सूखाग्रस्त क्षेत्रों के किसानों को भूमि राजस्व में पूरी छूट दी जाएगी. इसके अलावा स्कूल और कॉलेज के छात्रों की परीक्षा फीस भी माफ की जाएगी. सरकार ने कृषि से जुड़े कर्ज की वसूली पर तत्काल रोक लगाने और फसल लोन के पुनर्गठन का भी आदेश दिया है.
बिजली बिल और कनेक्शन को लेकर भी राहत और बड़े स्तर पर जल संरक्षण
7.5 हॉर्सपावर तक के किसान पंपों के बिजली बिल पहले ही माफ किए जा चुके हैं. अब इससे ज्यादा क्षमता वाले पंपों को भी बिजली बिल में रियायत दी जाएगी. पानी की कमी वाले गांवों में किसान पंपों के बिजली कनेक्शन नहीं काटे जाएंगे. सरकार सूखे से निपटने के लिए बड़े स्तर पर जल संरक्षण के काम भी शुरू करेगी. इसका उद्देश्य मौजूदा पानी की कमी से राहत देने के साथ आने वाले समय में पानी की स्थिति को बेहतर करना है.
रोजगार, राशन और पशुओं के चारे की व्यवस्था
सरकार ने रोजगार बढ़ाने के लिए रोजगार गारंटी योजना के नियमों में भी ढील देने का फैसला किया है. खेती पर निर्भर किसानों और कृषि मजदूरों को खाने-पीने के सामान उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जाएगी. इसके अलावा सूखाग्रस्त इलाकों में पीने के पानी और पशुओं के चारे की व्यवस्था की जाएगी. जरूरत पड़ने पर टैंकर भेजे जाएंगे और पशुओं के लिए चारे-पानी का इंतजाम पहले से किया जाएगा.
क्या है बारिश में कमी का कारण?
अल नीनो की स्थिति के बीच राज्य में बारिश में 18.8 प्रतिशत कमी दर्ज की गई. जून से 18 सितंबर तक वास्तविक वर्षा 755.9 मिमी हुई, जबकि औसत बारिश 932.3 मिमी होती है. राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, छत्रपति संभाजीनगर संभाग में एक जून से 18 सितंबर तक 424.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश 613.1 मिमी होनी चाहिए थी, यानी 30.8 प्रतिशत कम वर्षा हुई. मराठवाड़ा के धाराशिव और पांच अन्य जिले छत्रपति संभाजीनगर संभाग के अंतर्गत आते हैं. पुणे और नासिक संभागों में भी बारिश में लगभग 30 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई, जबकि अमरावती और नागपुर संभागों 27 प्रतिशत कम वर्षा हुई. कोंकण संभाग में बारिश में 6.3 प्रतिशत की कमी रही.
संबंधित खबरें
नौकरी से जुर्म की दुनिया का सफर...टाइगर केस में कैसे फंसीं राधा-बबीता?
25 mins agoलॉरेंस बिश्नोई गैंग के रडार पर कैसे आया बिहार? दिल्ली से मुंबई तक नेटवर्क
18 hrs agoएक फोन कॉल बनी टाइगर श्रॉफ के शूटरों के लिए काल! सूरत में मिला था सुराग
21 hrs ago16 घंटे में 4 बार बदली कार, रास्तेभर पूछताछ... मुंबई लाए गए टाइगर के शूटर्स
1 day ago11 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ फुटबॉल खेलने नहीं गए तो हमलावरों ने बदला प्लान?
1 day agoटाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में एक और गिरफ्तारी, अनिल पंडित से मिलवाए थे शूटर्स
2 days ago'मैं तुम्हें जान से मार डालूंगा', NCP के MLA जितेंद्र आव्हाड को मिली धमकी
2 days ago'जो सलमान संग काम करेगा…', टाइगर पर हमले की बिश्नोई गैंग ने ली जिम्मेदारी
3 days agoमुंबई के जुहू में टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग, बाइक सवार बदमाशों ने की गोलीबारी
3 days agoपोस्टमार्टम रूम में शराब पार्टी का आरोप, महाराष्ट्र में डॉक्टर सस्पेंड
4 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines