IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच की टीम कर रही है. सोमवार देर शाम जांच के लिए फॉरेंसिक टीम भी IIT कैंपस पहुंची. इस बीच सूत्रों के हवाले से बड़ी जानकारी निकलकर सामने आ रही है. मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच के हाथ कैंपस और एग्जाम रूम का अहम CCTV वीडियो हाथ लगा है, जो इस मामले की जांच में अहम कड़ी साबित हो सकती है. इसी बीच प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के समर्थन में IIT बॉम्बे के फैकल्टी ने सोमवार को कैंपस मार्च निकाला. इतना ही नहीं IIT मद्रास ने भी डूला के समर्थन में बयान जारी किया है.
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भारी पुलिस बल तैनात
मंगलवार के दिन भी IIT बॉम्बे का कैंपस मुंबई पुलिस की छावनी की तरह नजर आया. छात्र संगठन और राजनीतिक दलों के विरोध प्रदर्शन आशंका को देखते हुए भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है. इस बीच IIT बॉम्बे के छात्र प्रतिनिधियों ने संस्थान में हालिया घटनाक्रम को लेकर एक बयान जारी किया है. बयान में छात्रों ने साफ किया कि वो किसी भी तरह की अकादमिक बेईमानी या शैक्षणिक कदाचार का समर्थन नहीं करते. साथ ही, छात्र साहिल की मौत को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि इस घटना ने संस्थान की मौजूदा व्यवस्थाओं और प्रक्रियाओं पर गंभीरता से विचार करने के लिए प्रेरित किया है. छात्र प्रतिनिधियों के अनुसार, छात्रों द्वारा शुरू किया गया विरोध प्रदर्शन अकादमिक कदाचार को सही ठहराने के उद्देश्य से नहीं था. उनका कहना है कि यह विरोध लंबे समय से मौजूद उन मुद्दों को लेकर था, जिनका सामना छात्र कर रहे हैं. छात्रों ने कहा कि वो ऐसी संस्थागत व्यवस्थाओं में सार्थक और मजबूत सुधार चाहते हैं, ताकि भविष्य में किसी और छात्र को ऐसी परिस्थितियों से न गुजरना पड़े.
प्रोफेसर डुला के समर्थन में उतरे छात्र
वहीं, प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के समर्थन में IIT बॉम्बे कई छात्र भी खुलकर सामने आ रहे हैं. छात्रों ने प्रोफेसर डूला पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया है. IIT बॉम्बे में थर्ड ईयर में मैकेनिकल की पढ़ाई करने वाले उत्कर्ष ने बताया- ”IIT बॉम्बे के हॉस्टल छात्र साहिल की खुदकुशी की घटना बुरी है, ये नहीं होना चाहिए था. लेकिन हॉस्टल में कास्ट डिस्क्रीमेशन की बात कही जा रही है जो पूरी तरह से गलत है. सोमवार शाम को IIT बॉम्बे के फैकल्टी फोरम ने डुला के समर्थन में कैंपस में मार्च निकाला. देश के कई जाने-माने IIT संस्थान भी डूला के समर्थन में सामने आए हैं. डुला के समर्थन में IIT मद्रास ने भी बयान जारी किया है.
IIT मद्रास का क्या कहना है?
IIT मद्रास की Faculty Association ने IIT बॉम्बे के छात्र की 18 सितंबर 2026 को हुई मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया. बयान में IIT बॉम्बे Faculty Forum के उस रुख का समर्थन किया गया है, जिसमें प्रो. सूर्यनारायण डूला के बारे में कहा गया है- ”उन्होंने कोर्स इंस्ट्रक्टर और इनविजिलेटर के रूप में संस्थान की Senate-approved academic procedures के अनुसार अपनी जिम्मेदारी निभाई. IIT मद्रास Faculty Association ने कहा कि फैकल्टी सदस्यों को परीक्षाओं की निष्पक्षता और integrity बनाए रखने की जिम्मेदारी स्थापित संस्थागत प्रक्रियाओं और बिना व्यक्तिगत प्रताड़ना के भय के निभाने में सक्षम होना चाहिए. एसोसिएशन ने मामले की जांच उचित संस्थागत और कानूनी अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से किए जाने की मांग की.
हटाए गए सिलिंग फैन
साहिल वाकोडे की खुदकुशी के बाद IIT बॉम्बे भी एक्शन में हैं. सूत्रों की माने तो IIT बॉम्बे ने कैंपस के हॉस्टल में सभी सिलिंग फैन हटाकर वॉल मोल्डेड फैन लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. हालांकि संस्थान की माने तो यह कार्रवाई पिछले 2 महीने से चल रही है, हॉस्टल रिनोवेशन का हिस्सा है. इसे साहिल वाकोडे की खुदकुशी के बाद की कार्रवाई से जोड़कर नहीं देखना चाहिए.