मुंबई की धारावी झुग्गी बस्ती के पुनर्विकास की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है. अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के निदेशक प्रणव अदाणी ने सोमवार, 12 अक्टूबर को माटुंगा स्थित 22 एकड़ के रेलवे भूखंड पर पुनर्वास परियोजना का भूमिपूजन किया. इसके साथ ही धारावी के पात्र निवासियों के लिए नए घरों के निर्माण की शुरुआत हो गई है. परियोजना के तहत 10 बहुमंजिला टावर बनाए जाएंगे, जिनमें 10,432 पुनर्वास आवास और 1,379 व्यावसायिक एवं औद्योगिक इकाइयां होंगी.
एशिया की सबसे बड़ी अनौपचारिक बस्तियों में शामिल धारावी में 10 लाख से अधिक लोग रहते हैं. इस परियोजना का उद्देश्य पात्र परिवारों को बेहतर आवास और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है. परियोजना की विशेष प्रयोजन इकाई अदाणी नवभारत डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड (ANDPL) के मुताबिक, पात्र निवासियों को पुनर्वास योजना के तहत 350 वर्ग फुट के घर दिए जाएंगे.
तीन चरणों में पूरा होगा निर्माण
महाराष्ट्र सरकार के शहरी विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव असीम कुमार गुप्ता भूमिपूजन समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए. धारावी पुनर्विकास परियोजना एवं झुग्गी पुनर्वास प्राधिकरण (DRP/SRA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. महेंद्र कल्याणकर भी कार्यक्रम में मौजूद रहे.
निर्माण के बाद 10 टावर महाराष्ट्र सरकार के DRP/SRA को तीन चरणों में सौंपे जाएंगे. पहले पांच टावर मार्च 2029 तक, अगले दो अगस्त 2029 तक और शेष तीन टावर अगस्त 2030 तक सौंपने की योजना है. सबसे पहले सेक्टर 6 और सेक्टर 1 के पात्र निवासियों को माटुंगा में घर दिए जाएंगे. इसके बाद प्राथमिकता के आधार पर धारावी के अन्य पात्र निवासियों के लिए लगभग 4,500 आवास उपलब्ध कराए जाएंगे.
टावरों में होंगी आधुनिक सुविधाएं
परियोजना के तहत प्रत्येक टावर में 37 से 39 मंजिलें होंगी. इनमें 10 से 12 यात्री लिफ्ट और आग लगने जैसी आपात स्थितियों के लिए दो अलग लिफ्ट होंगी. व्यावसायिक और औद्योगिक इकाइयों के लिए भी दो अतिरिक्त लिफ्ट की व्यवस्था की जाएगी. परिसर में बच्चों के लिए किंडरगार्टन, सामुदायिक भवन, बगीचे, बैठने की जगह, सोसायटी कार्यालय और पूजा स्थल जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. प्रत्येक पुनर्वास भवन के व्यावसायिक क्षेत्र का 10 प्रतिशत हिस्सा साझा बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए आय जुटाने के उद्देश्य से आरक्षित रहेगा. निर्माण के बाद पहले 10 वर्षों तक ANDPL इमारतों और साझा सुविधाओं का रखरखाव करेगी.
अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की मदद से तैयार होगी योजना
परियोजना की डिजाइन और शहरी नियोजन में अमेरिका की सासाकी, ब्रिटेन की ब्यूरो हैपोल्ड, मुंबई की स्टूडियोपॉड, वास्तुकार हफीज कॉन्ट्रैक्टर और अन्य विशेषज्ञ संस्थानों की मदद ली जा रही है. सिंगापुर के शहरी नियोजन विशेषज्ञ भी इसमें योगदान दे रहे हैं. इससे पहले गांधी जयंती पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने धारावी एक्सपीरियंस सेंटर का उद्घाटन किया था. करीब 22,500 वर्ग फुट में बने इस केंद्र में प्रस्तावित घरों के नमूने, 3D वॉकथ्रू और पुनर्विकास से जुड़ी जानकारियां प्रदर्शित की गई हैं. पूरी योजना में आवास के साथ दुकानें, स्कूल, स्वास्थ्य सेवाएं, पार्क और सार्वजनिक परिवहन जैसी सुविधाएं विकसित करने का लक्ष्य है. योजना के अनुसार, आवश्यक सेवाएं लोगों के घर से 15 मिनट की पैदल दूरी के भीतर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा.