देवेंद्र फडणवीस कैसे बने महाराष्ट्र की राजनीति के 'धुरंधर'? ब्लाकबस्टर फिल्म से जुड़े 3 संयोग

Devendra Fadnavis become dhurandhar: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चुनाव से पहले कहा था, ‘मुझे पूरा विश्वास है कि हम अपना ही रिकॉर्ड तोड़ देंगे.’ और हुआ भी यही. फड़णवीस ने जमीनी स्तर पर भी बॉक्स आफिस के ‘धुरंधर’ जैसी सफलता हासिल की और महाराष्ट्र की राजनीति के ‘धुरंधर’ कहलाए. देखें फिल्म और राजनीति के 3 बड़े संयोग

Devendra Fadnavis
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Devendra Fadnavis become dhurandhar: बॉक्स ऑफिस पर रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर’ की तरह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अब राजनीति के असली ‘धुरंधर’ कहलाने लगे हैं. ‘धुरंधर’ केवल नाम या काम से ही नहीं, तीन अलग संयोग भी साथ जुड़े हैं. महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों में BJP की बंपर जीत और ठाकरे बंधुओं के लगभग तीन दशक के प्रभुत्व के अंत का सेहरा देवेंद्र फडणवीस के सिर पर बंधा है. BJP अब मुंबई BMC में पहली बार ‘बिग ब्रदर’ बनेगी और अपना मेयर बनाएगी, जहां पहले शिवसेना का दबदबा था. देखें कौन से हैं तीन संयोग?

शुक्रवार को रिलीज, शुक्रवार को नतीजे

डायरेक्टर आदित्य धर और रणवीर सिंह की स्पाई एक्शन थ्रिलर ‘धुरंधर’ पिछले महीने की 5 तारीख को शुक्रवार के दिन रिलीज हुई थी. ठीक उसी तरह, महाराष्ट्र में BMC समेत 29 नगर निगम चुनावों के नतीजे भी शुक्रवार को आए, जहां BJP ने धमाकेदार जीत दर्ज की. दोनों ही ‘फ्राइडे रिलीज’ की तरह ब्लॉकबस्टर साबित हुए!

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1214 करोड़ vs 1230 सीटें

फिल्म ‘धुरंधर’ ने रिलीज के कुछ हफ्तों में 1000 करोड़ क्लब में एंट्री की और अब तक 1214 करोड़ (वर्ल्डवाइड ग्रॉस) का बिजनेस किया है. दूसरी तरफ, BJP ने महाराष्ट्र के इन चुनावों में ठीक 1230 सीटें जीतीं – सिर्फ 16 सीटों का अंतर! ये संयोग इतना मजेदार है कि मीडिया में इसे ‘धुरंधर-esque परफॉर्मेंस’ कहा जा रहा है.

रणवीर सिंह की फिल्म जैसा हीरो बनकर उभरे फड़णवीस

फिल्म में रणवीर सिंह एक इंडियन स्पाई की भूमिका में हैं, जो दुश्मन के अंदर घुसकर सिस्टम तोड़ते हैं. ठीक वैसे ही, देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र की राजनीति में ‘अंदर से बदलाव’ लाकर BJP को मजबूत बनाया. 2024 विधानसभा चुनाव में महायुति (BJP+शिंदे सेना+अजित NCP) ने 235 सीटें जीतीं और फडणवीस तीसरी बार CM बने. अब सिविक पोल्स में भी उन्होंने ठाकरे फैमिली का गढ़ हिला दिया.

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देवेंद्र फडणवीस कैसे बने महाराष्ट्र के ‘धुरंधर’?

  • शुरुआत छोटे स्तर से: 22 साल की उम्र में 1992 में नागपुर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के कॉर्पोरेटर बने. 5 साल बाद नागपुर के सबसे युवा मेयर बने.
  • RSS और BJP का मजबूत आधार: RSS से जुड़े, 2013-15 तक महाराष्ट्र BJP प्रेसिडेंट रहे. युवा चेहरा बनाकर पार्टी को मजबूत किया.
  • 2014 में पहली बार CM: 44 साल की उम्र में महाराष्ट्र के दूसरे सबसे युवा CM बने. 2014-19 तक विकास कार्यों से राज्य को इंडस्ट्रियल पावरहाउस बनाया.
  • उतार-चढ़ाव और कमबैक : 2019 में 5 दिन के लिए दूसरी बार CM बने, 2024 में महायुति की प्रचंड जीत के बाद तीसरी बार CM बने.
  • निगम चुनाव में मास्टरस्ट्रोक : फडणवीस ने लोकल लीडर्स को जोड़कर BJP को 1230 सीटों पर पहुंचाया. मुंबई में ठाकरे बंधुओं का दबदबा तोड़ा.

यह भी पढ़ें: फडणवीस अब महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे पावरफुल लीडर हैं. बिना भ्रष्टाचार के दाग, काम से छवि और रणनीतिक माइंड से ‘धुरंधर’ साबित हुए. फिल्म की तरह ये भी वोट बैंक के बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट हैं.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

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विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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