Devendra Fadnavis offer Uddhav Thackeray: सियासत कब-क्या हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। महाराष्ट्र की राजनीति में कल का दिन कई मायनों में खास रहा। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे को ऑफर दिया कि वे अगर हमारे साथ आना चाहे तो रास्ता निकाल सकते हैं। हमारा 2029 तक विपक्ष में आने का कोई स्कोप नहीं है। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने यह बयान मजाक में दिया था लेकिन सियासी गलियारों में उनके इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं। आइये जानते हैं उनके इस बयान के बाद अफवाहों का बाजार गर्म क्यों है?
महाराष्ट्र विधानपरिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे का कल विदाई समारोह था। इस दौरान सीएम फडणवीस ने उनको सम्मानित उनके बारे में कई बातें कही। इस दौरान उन्होंने कहा कि उद्धव जी 2029 तक तो हमारा आपकी जगह आने का स्कोप नहीं हे लेकिन आप अगर साथ आना चाहे तो रास्ता निकाला जा सकता है। हालांकि उनके इस बयान का खंडन करते हुए उद्धव ठाकरे ने मीडिया से कहा कि ये बातें हंसते-खेलते हुई हैं, ऐसे में इसको हंसते-खेलते ही लेना चाहिए। यानी की उन्होंने इन बातों को सिरे से खारिज कर दिया।
जानें कब से शुरु हुई तनातनी
2024 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे शिंदे सेना के लिए चौंकाने वाले रहे। इसकी वजह बीजेपी को 132 सीटों पर जीत मिलना। बीजेपी को महाराष्ट्र के इतिहास में सबसे अधिक सीटें मिली। ऐसे में जो बार्गेनिंग चुनाव के बाद एकनाथ शिंदे बीजेपी के साथ करना चाहते हैं वह वे कर नहीं पाए। क्योंकि बीजेपी को बहुमत के लिए मात्र 15 विधायक चाहिए जोकि उसकी लिए बड़ी बात नहीं थी। ऐसे में एकनाथ शिंदे को बीजेपी की मान माननी पड़ी और उन्हें डिप्टी सीएम पद से ही संतोष करना पड़ा। चुनाव नतीजों के बाद बीजेपी करीब 20 दिन तक सीएम का फैसला नहीं कर पाई थी। इसके बाद बीजेपी ने शिंदे को डिप्टी सीएम पद के लिए मनाया था।
ये भी पढ़ेंः क्या महाराष्ट्र में बन रही है कोई नई सियासी खिचड़ी? बदलावों की सुगबुगाहट तेज
सरकार बनने से पहले ही तनातनी
सरकार बनने के बाद भी मंत्रालयों को लेकर दोनों पार्टियों के बीच काफी तनातनी देखने को मिली। शिंदे गृह मंत्रालय चाहते थे लेकिन बीजेपी उनको गृह मंत्रालय नहीं देना चाहती थी। इसके बाद उनको सार्वजनिक निर्माण विभाग दिया गया। वहीं शिंदे के मंत्रियों और विधायकों से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों पर भी सीएम शिंदे ने तुरंत जांच बैठा दी। ऐसे में अब तक बीजेपी और शिंदे के बीच सरकार बनने के बाद रिश्ते सहज नहीं रहे हैं। इसके अलावा शिंदे सीएम फडणवीस द्वारा बुलाई गई बैठकों में भी शामिल नहीं होते हैं। ऐसे में शिंदे कब बीजेपी से अलग हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता।
सहज नहीं रिश्ते
जानकारों की मानें तो बीजेपी पिछले कुछ दिनों से गठबंधन में असहज स्थिति में है। इसकी वजह शिंदे गुट के कुछ विधायक और मंत्री है जो लगातार अपनी कारस्तानियों के कारण बीजेपी के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। सीएम फडणवीस ने इसको लेकर शिंदे से कार्रवाई करने के लिए कहा है। ऐसे में देखना यह है कि यह स्थिति कहां तक जाती है।
ये भी पढ़ेंः Mumbai: बस देर रात फोन देखने की एक जिद…. और 4 साल की बेटी की सौतेले पिता ने हत्या कर समुद्र में फेंका
संबंधित खबरें
मुंबई में हिरासत और फिर रिहाई; अभिजीत दीपके ने शेयर किया अपडेट, प्रदर्शन से पहले दिखाया विक्ट्री साइन
4 hrs agoमहाराष्ट्र के रायगढ़ में दर्दनाक हादसा, पिकनिक मनाने गए 8 छात्रों की समंदर में डूबने से मौत
8 hrs ago‘पहले अपने बच्चों को खिलाएं', पान मसाला एड को लेकर बॉलीवुड सेलेब्स पर भड़के FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे
14 hrs ago'पहले बेंगलुरु में हाथ-पैर तोड़ने की थी साजिश', केतन अग्रवाल मर्डर में पुलिस चार्जशीट से चौंकाने वाले खुलासे
1 day agoमौत के 4 साल बाद क्लिनिक के फ्रीजर में रखी बुजुर्ग की लाश, परिवार को थी जिंदा होने की उम्मीद
1 day agoडोसे के अंदर मिला चूहा तो उल्टी करने लगा ग्राहक, तुकाराम मुंढे की टीम ने बंद कराया होटल
1 day agoएंटीलिया बम कांड में सचिन वाझे को जमानत, मुंबई समेत पांच जिलों में एंट्री पर रोक
2 days agoमौत से पहले केतन अग्रवाल ने बनवाया था सिया गोयल के नाम का टैटू, मंगेतर को देना चाहता था सरप्राइज
2 days agoMPSC Exam Postponed 2026: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग ने स्थगित कीं 3 बड़ी परीक्षाएं, जानिए नई तारीखें
2 days ago'ECINet में हों 4 बड़े बदलाव', महाराष्ट्र SIR में लोकल स्टाफ को ज्यादा पावर की उठी मांग, 2 चुनाव आयुक्त भी उठा चुके मुद्दा
2 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines