राजनीतिक विवाद के कारण हटाए गए अभिनेत्री दीया मिर्जा के वीडियो को दोबारा साझा करने के मुंबई उच्च न्यायालय के निर्देश के एक दिन बाद भी बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने अब तक ऐसा नहीं किया है. इस वीडियो में नागरिकों से दिवाली पर पटाखों से बचने की अपील की गई थी. उच्च न्यायालय ने बीएमसी के पर्यावरण-अनुकूल और पटाखा-मुक्त दिवाली अभियान के लिए दीया मिर्जा के वीडियो पर हुए विवाद पर मंगलवार को अपनी ‘गहरी पीड़ा और नाराजगी’ व्यक्त की थी और कुछ भाजपा नेताओं तथा मुंबई की महापौर रितु तावड़े द्वारा उठाई गई आपत्तियों के बाद सोमवार को हटाए गए इस वीडियो को दोबारा साझा करने का निर्देश दिया था.
बीएमसी अधिकारी मीडियाकर्मियों को मंगलवार शाम से ही बता रहे हैं कि वे वीडियो को दोबारा साझा करने पर निर्णय लेने से पहले अदालत के आदेश की प्रति मिलने का इंतजार कर रहे हैं. हालांकि, भाजपा-शिवसेना गठबंधन द्वारा शासित इस महानगरपालिका ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है.
बीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बीएमसी को बुधवार देर शाम अदालत का आदेश प्राप्त हुआ है और उनका कानून विभाग इसका अध्ययन करेगा. उनके परामर्श के आधार पर ही निगमायुक्त अश्विनी भिड़े वीडियो को फिर से साझा करने पर अंतिम फैसला लेंगी.
मुंबई भाजपा प्रमुख अमित साटम द्वारा उठाई गई आपत्तियों के बाद बीएमसी ने रविवार रात अपने सोशल मीडिया मंचों से इस वीडियो को हटा दिया था. अगले दिन, भाजपा पार्षद एवं महापौर रितु तावड़े ने बीएमसी के इस कदम का बचाव किया और दीया मिर्जा को ‘हिंदू-विरोधी’ करार दीया.
यह वीडियो पटाखों से होने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद शुरू किए गए बीएमसी के पर्यावरण-अनुकूल दिवाली अभियान का हिस्सा था. मंगलवार को इस विवाद पर स्वतः संज्ञान लेते हुए न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी और न्यायमूर्ति नीला गोखले की पीठ ने अभिनेत्री का वीडियो हटाए जाने पर ‘गहरी पीड़ा और नाराजगी’ व्यक्त की और बीएमसी को इसे दोबारा साझा करने का निर्देश दिया.